भुट्टो की हत्या की गुत्थी एक साल बाद भी नहीं सुलझी
इस्लामाबाद, 25 दिसम्बर (आईएएनएस)। पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की पहली पुण्य तिथि आने को है लेकिन उनकी हत्या की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ पाई है। हालांकि, पुलिस और स्कॉटलैंड यार्ड का कहना है कि उनकी मौत महंगी टोयोटा लैंड क्रूजर कार की सनरूफ से सिर के टकरा जाने के कारण हुई।
भुट्टो की मौत पिछले साल 27 दिसंबर को रावलपिंडी में एक चुनावी सभा को संबोधित करने के बाद हुए बम विस्फोट में हो गई थी। विस्फोट के बाद उन पर गोलियां भी चलाई गईं जिसमें उनके पांच समर्थक मारे गए। कहा गया कि भुट्टो की मौत उनकी बुलेट और बम प्रूफ गाड़ी के सनरूफ से सिर के टकरा जाने के कारण हुई।
भुट्टो ने 26 अक्टूबर 2007 को एक अमेरिकी पत्रकार वोल्फ ब्लित्जर को एक ई-मेल भेजा था जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर मेरी हत्या होती है तो उसके लिए राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को जिम्मेदार ठहराना चाहिए।
आंतरिक मंत्रालय ने भी 12 दिसंबर को भुट्टो को सचेत किया था। इन सबके बावजूद भुट्टो ने अपना चुनाव अभियान जारी रखा था।
पेशावर में एक जनसभा में 26 दिसंबर को उन्होंने कहा था कि जिंदगी एक शेर की तरह जीया जाना चाहिए न कि गीदड़ की तरह।
समाचार चैनल जियो टीवी द्वारा किए गए खुलासे में कहा गया है कि भुट्टो पर तीन दिशाओं से हमला किया गया। वीडियो में दिखाया गया है कि एक हमलावर ने बायीं ओर से हमला किया लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण सिर के दाहिने हिस्से में लगी चोट को बताया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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