नवरात्र के पहले दिन हजारों ने लगाई गंगा में डुबकी
वाराणसी, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। वैसे तो पूरे देश में नवरात्र के अवसर पर दुर्गा मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही, लेकिन वाराणसी में मंगलवार को नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में तो भीड़ लगी ही थी साथ ही गंगा स्नान करने के लिए गंगा घाटों पर भी जन सैलाब उमड़ा हुआ था। क्योंकि यहां गंगा स्नान के बाद ही दुर्गा जी के मंदिर में जाने की परंपरा है।
हजारों लोगों ने मंगलवार को गंगा में स्नान किया तथा मंदिर में दर्शन पूजन करके मां दुर्गा से अपना इहलौकिक और पारलौकिक जीवन सुखमय बनाने की कामना की।
दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान करके मां दुर्गा को नारियल, चुनरी, धूप और दीप चढ़ाकर विधिवत दर्शन पूजन किया। आसमान में बादल और बूंदाबादी होने के बावजूद शक्ति स्वरुपा मां दुर्गा के भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी।
प्रयाग घाट के पुरोहित बाबू महाराज ने बताया कि वैसे तो नवरात्र में दुर्गा के किसी भी स्वरूप का दर्शन किया जा सकता है लेकिन पहले दिन दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप का दर्शन ज्यादा शक्ति कारक होता है। बाबू महाराज ने बताया कि बनारस में नौ दुर्गा के स्वरूप का अलग अलग मंदिर भी है, इसीलिए यहां लोग नवरात्र में खास तौर से आते हैं और शक्ति की देवी के अलग अलग स्वरूप का दर्शन करके मनोवांछित फल प्राप्त करते हैं।
गंगा घाट पर जुटने वाली भारी भीड़ को देखते हुए नारियल और चुनरी की सैकड़ों दुकानें भी सजी हुई थीं। ग्राहकों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए दुकानदारों ने तरह तरह की तरकीबें भी निकाल लिए हैं। प्रत्येक माला, फूल, और चुनरी की दुकान पर दुर्गा जी का भक्ति गीत लगातार बजते रहने से पूरा वातावरण ही भक्तिमय हो गया है।
दुकानदारों ने सीडी और कैसेट बेचने के लिए कई स्कीमें भी चला रखी हैं। जैसे एक सीडी खरीदने पर माला फूल और प्रसाद मुफ्त मिलेगा। इसी तरह दो प्रसाद की टोकरी चुनरी सहित खरीदने पर एक आडियो कैसेट फ्री में मिल रहा था।
जौनपुर से परिवार के साथ गंगा स्नान करने आये रामअवतार पांडेय ने मुस्कराते हुए बताया कि यहां आने के बाद प्रसाद तो खरीदना ही है, अगर इसी के साथ एक सीडी मिल जाए तो बच्चे भी खुश हो जाते हैं। शीतलाघाट के एक दुकानदार राजा ने बताया कि पहले यहां दुकानदारों की इतनी भीड़ नहीं थी लेकिन इस साल यहां भी प्रतियोगिता बढ़ गई है इस वजह से ग्राहकों का ही फायदा है।
कुछ भी हो यह आस्था ही है जो लोगों को ऐसे समय गंगा से जोड़े रख रही है, जब चारों तरफ गंगा के प्रदूषित होने की चर्चा जोरों पर है। नवरात्र के पहले दिन गंगा स्नान के लिए जिस तरह से भीड़ उमड़ी उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि गंगा भारत के लिए एक नदी ही नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र भी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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