बिहार बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों में हिन्दू मुस्लिम एकता की नई मिसाल

पटना, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। देश के विभिन्न हिस्सों से जहां साम्प्रदायिक तनाव की खबरें आ रही है वहीं बिहार के बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों में हिन्दू व मुसलमान एकता की नई मिसाल कायम कर रहे हैं। बाढ़ राहत शिविरों में हिन्दू भाई ईद की तैयारियों के मद्देनजर तो मुसलमान भाई नवरात्र के मौके पर एक दूसरे की भरपूर सहायता कर रहे हैं।

बिहार के आपदा प्रबंधन मंत्री नीतीश मिश्रा ने आईएएनएस को बताया, "आपदा के ऐसे मौके पर भी हिन्दू व मुसलमान न सिर्फ साथ-साथ रह रहे हैं, बल्कि एक दूसरे के त्यौहारों में बढ़चढ़ कर हिस्सा भी ले रहे हैं। एक दूसरे को समझने का दोनों सम्प्रदाय के लोगों के लिए यह एक बेहतरीन मौका है।"

कोसी के कहर में अपना घर द्वार गवां चुके जाहिद अंसारी कहते हैं कि वे हिन्दू भाइयों की सहायता से इस वर्ष ईद मनाएंगे। इन लोगों ने अपने घरों में ईद की तैयारियों के मद्देनजर सारी व्यवस्थाएं कर रखी है। वे हमारे साथ ईद भी मनाएंगे।

सुपौल जिले के रहने वाले जाहिद बताते हैं, "राहत शिविरों में ईद मनाना मुश्किल है, लेकिन हिन्दू भाइयों ने हमें सहयोग कर हमारा उत्साहवर्धन कर रहे हैं।"

सहरसा के एक राहत शिविर में रह रहे मजदूर रमेश कहते हैं कि कई राहत शिविरों में नवरात्र मनाया जा रहा है। हम भी एक राहत शिविर में ही नवरात्र की पूजा कर रहे हैं। इसके लिए एक मुसलमान परिवार ने पूजा सामग्री खरीदने के लिए हमें आर्थिक मदद दी है।

सुनीता देवी नामक 40 वर्षीय एक महिला ने बताया, "शौकत अपने घर से पूजा के लिए बर्तन लेकर आया ताकि हम नवरात्र की पूजा कर सके।"

राज्य सरकार ने भी ईद और नवरात्र के लिए इंतजाम किए हैं। प्रदेश के आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "सरकार ने तय किया है कि ईद और दुर्गापूजा के मौके पर विशेष प्रकार के भोजन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस दौरान उन्हें सेवईयां, खीर, पुरी और आलू दम खिलाया जाएगा।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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