एचआईवी संक्रमित मरीजों में हड्डियां टूटने की आशंका ज्यादा

वाशिंगटन, 29 अगस्त (आईएएनएस)। एचआईवी संक्रमित मरीजों में कूल्हे और रीढ़ की हड्डी टूटने (फ्रैक्च र) की आशंका आम मरीजों की तुलना में 60 फीसदी अधिक होती है। यह बात एक नए अध्ययन से सामने आई है।

इस शोधपत्र के सहलेखक मैसाच्युसेट्स जनरल हॉस्पिटल (एमजीएच) के न्यूरोएंडोक्राइन विभाग के वैज्ञानिक स्टीवन ग्रिन्सपून ने कहा, "पहली बार एचआईवी संक्रमित मरीजों में हड्डी टूटने को लेकर इतने व्यापक पैमाने पर शोध किया गया है।"

उन्होंने कहा कि करीब 8,500 एचआईवी संक्रमित लोगों पर किया गया अध्ययन इस संबंध में बेहतर तस्वीर प्रस्तुत करता है कि कैसे एचआईवी संक्रमित लोगों को ऐसी समस्याएं होने का खतरा औरों की तुलना में ज्यादा है।

कुल 11 वर्षो के आंकड़ों पर आधारित उनके अध्ययन में पाया गया कि करीब तीन फीसदी एचआईवी पीड़ितों के कूल्हे, रीढ़ या कलाई की हड्डी टूटी थी, जबकि गैर एचआईवी पीड़ित लोगों में से मात्र 1.8 फीसदी को ऐसी समस्या हुई।

शोधकर्ता ने बताया कि हमारे अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि एचआईवी पीड़ित स्त्री पुरुषों में हड्डी टूटने की आशंका सामान्य बीमारियों से ग्रस्त लोगों की तुलना में कहीं ज्यादा होती है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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