कश्मीर घाटी में कर्फ्यू में ढील, समिति की वार्ता टली (राउंडअप)

जम्मू/श्रीनगर, 29 अगस्त (आईएएनएस)। कश्मीर घाटी में लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी कर्फ्यू में चरणबद्ध तरीके से ढील दी गई, ताकि लोग जरूरत का सामान खरीद सकें। घाटी के इतिहास में पहली बार पिछले पांच दिनों से समाचार पत्र प्रकाशित नहीं हुए। इस बीच, श्रीअमरनाथ संघर्ष समिति (एसएएसएस) और चार सदस्यीय सरकारी पैनल के बीच गुरुवार को होने वाली चौथे दौर की वार्ता शुक्रवार तक टाल दी गई।

जम्मू/श्रीनगर, 29 अगस्त (आईएएनएस)। कश्मीर घाटी में लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी कर्फ्यू में चरणबद्ध तरीके से ढील दी गई, ताकि लोग जरूरत का सामान खरीद सकें। घाटी के इतिहास में पहली बार पिछले पांच दिनों से समाचार पत्र प्रकाशित नहीं हुए। इस बीच, श्रीअमरनाथ संघर्ष समिति (एसएएसएस) और चार सदस्यीय सरकारी पैनल के बीच गुरुवार को होने वाली चौथे दौर की वार्ता शुक्रवार तक टाल दी गई।

बुधवार को घाटी में कर्फ्यू में ढील के दौरान दो प्रदर्शनकारी मारे गए थे और तीन सुरक्षाकर्मियों समेत 10 अन्य घायल हो गए थे। एक प्रदर्शनकारी की हंडवाड़ा कस्बे में उस समय मारा गया, जब एक स्थानीय मस्जिद में इबादत के बाद लौटते समय भीड़ ने सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया।

बडगाम जिले में सुरक्षाकर्मियों पर पथराव कर रहे प्रदर्शनकारियों पर की गई गोलीबारी में एक प्रदर्शनकारी मारा गया। एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "जनता को राहत देने के लिए कर्फ्यू में दोपहर को ढील दी गई।"

उधर, लंबे समय से जारी कर्फ्यू को लेकर पत्रकारों के घोर विरोध के कारण कश्मीर घाटी में लगातार पांचवें दिन न तो कोई समाचार पत्र प्रकाशित हुआ और न ही बाहर से पहुंचा।

'कश्मीर इमेजेज' के संपादक बशीर मंजर ने बताया, "पांच दिन हो गए, जब कश्मीर घाटी में कोई समाचार पत्र प्रकाशित नहीं हुआ। इसके अलावा यहां कोई समाचार पत्र बाहर से भी नहीं आया।"

कश्मीर घाटी के इतिहास में यह पहला मौका है, जब इतने लंबे समय तक समाचार पत्र प्रकाशित नहीं हुए। यहां के पत्रकार पिछले दो दशक से आतंकवाद की छांव में अपना काम करते आ रहे हैं।

उधर अमरनाथ संघर्ष समित की सरकारी पैनल के साथ वार्ता की शुरुआत गुरुवार की शाम 4.30 बजे होनी थी, लेकिन वार्ता टल गई। वार्ता के दौरान सरकार के उस निर्णय पर बात होनी थी जिसमें उसने कहा था कि वह तीर्थयात्रियों की भीड़ वाले तीन महीनों के लिए श्रीअमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) को उत्तरी कश्मीर के बालताल इलाके में 40 हेक्टेयर भूमि सौंप सकती है। अभी इस बात की सार्वजनिक घोषणा होनी बाकी है।

संघर्ष समिति के सदस्य सुचेत सिंह ने कहा, "हमें बताया गया है कि राज्यपाल के सलाहकार एस.एस. बिलोरिया को गिरने के कारण चोट लग गई है।"

उधर कश्मीर घाटी में अपने प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी से चिंतित हुर्रियत कांफ्रेंस ने गुरुवार को कहा कि कश्मीर की मौजूदा स्थिति पर पाकिस्तान की चुप्पी से उसे बेहद आश्चर्य हुआ है।

हुर्रियत के संयुक्त समन्वय समिति की ओर जारी किए एक बयान में कहा गया, "हम अपने नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर बेहद चिंतित हैं।"

उल्लेखनीय है कि बीते रविवार को हुर्रियत के अलगावादी धड़े के सैयद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक को लाल चौक की ओ बढ़ने के क्रम में गिरफ्तार कर लिया गया था।

समिति के प्रवक्ता मसरत आलम ने कहा कि कश्मीर के ताजा हालातों पर पाकिस्तान की चुप्पी से हम स्तब्ध हैं। ज्ञात है कि आलम जम्मू कश्मीर का पाकिस्तान में विलय के पुरजोर समर्थक रहे हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

*

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+