भारत के 'एलीट' क्लब में शामिल होने की संभावना
दीपांकर डे सरकार
दीपांकर डे सरकार
लंदन, 29 अगस्त (आईएएनएस)। भारत अमेरिका के नेतृत्व में एक विशिष्ट लोकतांत्रिक समूह में शामिल होने का दावेदार है। संभावना है कि यह नया समूह विश्व शक्ति के लिए संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता हासिल करने की प्रतिस्पर्धा समाप्त कर सकता है।
एक प्रमुख ब्रिटिश विशेषज्ञ ने बताया है कि अमेरिका में राष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीदवारों बराक ओबामा और जान मैक्के न ने संयुक्त राष्ट्र में रूस और चीन की ताकत को बेअसर करने के लिए प्रमुख लोकतांत्रिक देशों का समूह बनाने का वादा किया है।
बहरहाल दोनों प्रत्याशियों का कहना है कि नया संगठन संयुक्त राष्ट्र के मूल्यों को आगे बढ़ाएगा।
मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के राजनीति शास्त्र विभाग के प्रोफेसर इंद्रजीत परमार ने कहा कि ब्रिटेन, कनाडा, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और भारत जैसे देशों के इसमें शामिल होने की आशा है।
यह समूह 'काउंसिल फार ए कम्युनिटी ऑफ डेमोक्रेसिस' (सीसीडी) नामक एक कम प्रसिद्ध संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का काम करेगा। यह संगठन 1990 के बाद से अमेरिकी प्रशासन के कई विदेश नीति सलाहकारों के दिमाग की उपज है।
इस संगठन के सदस्यों का गहरा विश्वास है कि लोकतांत्रिक देश एक-दूसरे के खिलाफ युद्ध के लिए आगे नहीं बढ़ते हैं। संगठन पूरी दुनिया में लोकतंत्र फैलाना चाहता है।
परमार ने आईएएनएस से एक साक्षात्कार में कहा कि समूह के सदस्यों को अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए सैनिक कार्रवाई से कोई संकोच नहीं है।
उनके अनुसार भारत इस समूह में जन शक्ति की आपूर्ति करके और उभरती हुई विश्व शक्ति के रूप में महत्वपूर्ण योगदान कर सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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