संयुक्त राष्ट्र के कश्मीर संबंधी बयान पर भारत ने जताया अफसोस
नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन संबंधी संयुक्त राष्ट्र की एक संस्था द्वारा की गई कथित टिप्पणी पर केंद्र सरकार ने खेद जताया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि उसे अपने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के बारे में किसी से कोई सलाह नहीं चाहिए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने एक बयान जारी कर कहा, "हमें अफसोस है कि संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार मामलों के उच्चायुक्त ने जम्मू कश्मीर के हालात पर बयान जारी किया।"
उन्होंने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यजनक है। भारत को अपने नागरिकों की रक्षा व सुरक्षा के बारे में किसी के सलाह की जरूरत नहीं है।"
सरना ने कहा कि जम्मू कश्मीर पिछले दो दशकों से आतंकवाद का शिकार है। इसके बावजूद अधिकारियों ने कानून के अधीन ही कार्रवाई की।
उल्लेखनीय है कि जेनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार मामलों के उच्चायुक्त ने कश्मीर के ताजा घटनाक्रमों पर अपनी चिंता जताई थी। साथ ही उन्होंने भारतीय अधिकारियों से जम्मू कश्मीर की जनता के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान किए जाने को कहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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