केंद्र सिंगुर मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा
नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। सिंगुर में टाटा मोटर्स की नैनो कार परियोजना पर जारी गतिरोध के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि वह इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी। केंद्र ने निवेश और न्याय के बीच संतुलन की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।
नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। सिंगुर में टाटा मोटर्स की नैनो कार परियोजना पर जारी गतिरोध के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि वह इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी। केंद्र ने निवेश और न्याय के बीच संतुलन की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।
संवाददाताओं के यह पूछे जाने पर कि क्या केंद्र सरकार सिंगुर मामले को आगे बढ़ाने में किसी भूमिका की योजना बना रही है, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, "हम देश में निवेशकों के विश्वास को क्षति नहीं पहुंचाना चाहते हैं। साथ ही हम लोगों के साथ अन्याय भी नहीं होने देना चाहते।"
उन्होंने कहा कि इसमें केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं हैं। इस मामले में राज्य सरकार को निर्णय लेना है और उसे ही इस संबंध में कार्य करना है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में भाग लेने के बाद सिब्बल ने कहा, "हमें निवेशकों के लिए उपयुक्त माहौल बनाने की आवश्यकता है। निवेश अपने आप में पूर्ण नहीं है। निवेश के साथ न्याय भी होना चाहिए। "
सिब्बल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार शाम से सिंगुर में टाटा कारखाने में प्रवेश रोक दिया है।
तृणमूल कांग्रेस किसानों की 400 एकड़ जमीन वापस करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है। पार्टी का दावा है कि यह जमीन जबरन छीनी गई है।
इस आंदोलन के कारण टाटा संस के अध्यक्ष रतन टाटा ने अपने कारखाने को पश्चिम बंगाल से बाहर ले जाने की धमकी दी है। अनुमान है कि इससे राज्य में 15 अरब रुपये के निवेश का नुकसान होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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