• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

कोसी के तटबंधों का निर्माण ही गलत : मिश्र

By Staff
|

पटना, 29 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार का शोक कही जाने वाली कोसी नदी एक बार फिर कहर बरपा रही है। बाढ़ मामलों के जानकार एवं इंजीनियर डी़ क़े मिश्र ने इस नदी के तटबंधों के निर्माण को ही गलत ठहराया है।

मिश्र ने कहा कि तटबंधों का निर्माण जितना उंचा और मजबूत होगा सुरक्षित क्षेत्रों पर बाढ़ और जलजमाव का खतरा उतना ही अधिक होगा।

उन्होंने बताया कि आजादी के बाद कोसी को नियंत्रित करने के लिए 1955 में कोसी नदी के पूर्वी किनारे पर वीरपुर से कोपड़िया तक 125 किलोमीटर लंबा तथा पश्चिम किनारे पर नेपाल में भारदह से सहरसा में घोघेपुर तक 126 किलोमीटर लंबे तटबंध का निर्माण करवाया गया था। उन्होंने तटबंधों के निर्माण को ही गलत ठहराया।

उन्होंने बताया कि अपनी धारा बदलने के लिए बदनाम कोसी आज से 150 वर्ष पूर्व पूर्णिया के पूरब में बहती थी। इस समय इसका निचला भाग दरभंगा जिले से होकर बहता है। उन्होंने बताया कि कोसी का कुल जलग्रहण क्षेत्र 74,030 वर्ग किलोमीटर है। इसमें भारत में सिर्फ 11,410 किलोमीटर ही आता है शेष 62,620 किलोमीटर नेपाल और तिब्बत में पड़ता है।

हिमालय पर्वतमाला में करीब 7000 मीटर की ऊंचाई से अपनी यात्रा प्रारंभ करने वाली कोसी नदी भारत में उत्तर बिहार के भीमनगर क्षेत्र के चतरा नामक स्थान से प्रवेश करती है तथा कटिहार जिले के कुरसेला के पास जाकर गंगा से मिल जाती है।

नेपाल में इसे सप्तकोसी के नाम जाना जाता है। सप्तकोसी के नाम के कारणों के विषय में कहा जाता है कि नेपाल की सात नदियां सनकोसी, इंद्रावती, लिक्षुकोसी, अरुणकोसी, तामरकोसी, दूधकोसी और तांबाकोसी के सम्मिलित प्रवाह से यह निर्मित होती है। नेपाल के धनकुट्टा जिले के त्रिवेणी के पास से यह नदी कोसी बन जाती है। कोसी को सप्तकोसी के अलावा महाकोसी भी कहा जाता है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more