चीनी निर्यातकों को सब्सिडी की जरूरत नहीं रही : चिदंबरम (लीड-1)
मुंबई, 29 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि देश के चीनी निर्यातकों को अब आर्थिक मदद की जरूरत नहीं है, लिहाजा उन्हें दी जाने वाली सब्सिडी खत्म होनी चाहिए।
चिदंबरम का कहना है कि वैश्विक बाजारों में भारत प्रमुख हस्ती के रूप में उभर रहा है, इसलिए इस तरह की रियायत की अब जरूरत नहीं रही।
उन्होंने शुक्रवार को कहा, "चीनी निर्यातकों को दी जानेवाली आर्थिक सहायता अब खत्म होनी चाहिए। चीनी का काफी निर्यात हो चुका है और मैंने इस बारे में कृषि मंत्रालय से बात की है।" चिदंबरम 'नेशनल स्टाक एक्सचेंज' यानी एनएसई में मुद्रा का वायदा कारोबार शुरू करने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे।
भारत सरकार चीनी निर्यातकों की मदद के लिए उन्हें लगभग 30-35 डालर प्रति टन की सब्सिडी देती है, ताकि देश में मौजूद चीनी के बहुत बड़े भंडार को थोड़ा कम किया जा सके। कृषि मंत्रालय को लगता है कि मध्य-पूर्व और कुछ एशियाई बाजारों में भारतीय कच्ची चीनी को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि वित्त मंत्री की टिप्पणी तब आई है, जब अंतर्राष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में भारत प्रमुख भागीदार के रूप में उभरने लगा है। चालू चीनी वर्ष (अक्टूबर से सितंबर) के दौरान अब तक देश से 45 लाख टन चीनी का निर्यात किया जा चुका है।
भारतीय चीनी मिल एसोसिएशन यानी 'इस्मा' ने हालांकि आशंका जताई है कि अगले चीनी वर्ष के दौरान निर्यात में 15 लाख टन की गिरावट आएगी। इस्मा के मुताबिक अगले वर्ष चीनी का कुल उत्पादन मौजूदा 26.5 करोड़ टन से घटकर 20 करोड़ टन रह जाएगा।
इस्मा देश के निजी क्षेत्र के चीनी मिलों का प्रतिनिधि संगठन है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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