मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव का पहला हथियार बना 'यात्रा'
भोपाल, 28 अगस्त (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए दोनों प्रमुख दलों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने कमर कस ली है। दोनों ने एक दूसरे पर हमले शुरू करते हुए पहला हथियार 'यात्रा' को बनाया है। जहां एक ओर कांग्रेस संकल्प यात्रा निकाल रही है, वहीं मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने जन आशीर्वाद यात्रा शुरू की है।
आगामी विधानसभा चुनाव प्रदेश बनाम केन्द्र सरकार की सफलताओं और विफलताओं को आधार बनाकर लड़े जाने के संकेत दोनों ही दल दे चुके हैं। कांग्रेस द्वारा प्रदेश सरकार की असफलताओं को गिनाने के लिए राज्य के सभी 45 जिलों में संकल्प यात्राएं शुरू की जा रही हैं। इन यात्रा वाहनों में प्रचार के लिए दृश्य, श्रव्य और मुद्रण सामग्री उपलब्ध है और संबंधित इलाके के नेता हाट बाजारों में इस वाहन के साथ पहुंचकर सभाएं कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता मानक अग्रवाल का कहना है कि संकल्प यात्रा के जरिए प्रदेश सरकार के मंत्रियों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार तथा घोटालों का जनता के बीच खुलासा किया जा रहा है। साथ ही केन्द्र सरकार की कल्याणकारी योजनाएं लोगों को बताई जा रही हैं। इतना ही नहीं जनता के बीच प्रदेश सरकार द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को भी खत्म किया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने उज्जैन से जन आशीर्वाद यात्रा की शुरूआत की है। उन्होंने कहा है कि वे प्रदेश की जनता के बीच पहुंचकर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यो का ब्यौरा देने के साथ उनकी राय भी जानेंगे। इसके अलावा वे प्रदेश की जनता का आशीर्वाद हासिल करेंगे। चौहान केन्द्र सरकार की गलत नीतियों की वास्तविक तस्वीर जनता को बताएंगे।
दोनों प्रमुख दलों की यात्राएं शुरू होने से प्रदेश की राजनीति का पारा उछाल मारने लगा है। आने वाले चुनाव में दोनों दल किस तरह की रणनीति बनाकर जनता को लुभाने की कोशिश करेंगे, इसके संकेत चुनाव संग्राम के पहले हथियार 'यात्रा' से खुलकर सामने आ जाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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