रोजगारमूलक शिक्षा से मिट सकती है गरीबी : शेखावत
भोपाल, 29 अगस्त (आईएएनएस)। देश के पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत का मानना है कि गरीबी मिटाने में रोजगारमूलक शिक्षा कारगर हथियार हो सकती है। साथ ही रोजगार के लिए काम चुनने का फैसला उन्हीं लोगों पर छोड़ देना चाहिए जिन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाना है। शेखावत ने अपनी यह राय निर्धनता पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन मौके पर जाहिर की। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता सांसद नजमा हेपेतुल्ला ने की।
भोपाल, 29 अगस्त (आईएएनएस)। देश के पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत का मानना है कि गरीबी मिटाने में रोजगारमूलक शिक्षा कारगर हथियार हो सकती है। साथ ही रोजगार के लिए काम चुनने का फैसला उन्हीं लोगों पर छोड़ देना चाहिए जिन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाना है। शेखावत ने अपनी यह राय निर्धनता पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन मौके पर जाहिर की। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता सांसद नजमा हेपेतुल्ला ने की।
राज्य सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग और सामाजिक न्याय विभाग द्वारा आयोजित इस सेमिनार में शेखावत ने सुझाव दिया कि गरीबी मिटाने के लिए जो योजनाएं बनाई जाएं उनमें उस वर्ग की भागेदारी जरूर हो जिनके लिए यह बनाई जा रही है। इतना ही नहीं गरीब की पहचान और उसका चयन सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए तभी सुपात्र हितग्राहियों का चुनाव हो सकता है।
इस मौके पर सांसद नजमा हेपेतुल्ला ने कहा कि निर्धनता धर्म और जाति देखकर नहीं आती है। बढती निर्धनता लोकतंत्र के लिए घातक है इसलिए लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि ऐसे उपाय किए जाएं जिससे निर्धनता के अभिशाप से मुक्ति मिले। उद्घाटन समारोह में राज्य सामान्य निर्धन वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष बाबू लाल जैन, सामाजिक न्याय मंत्री कुसुम महदेले भी मौजूद थीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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