अल कायदा ने अपने रासायनिक हथियार विशेषज्ञ की मौत की पुष्टि की
काहिरा, 4 अगस्त (आईएएनएस)। आतंकवादी संगठन अल कायदा ने रविवार को एक इस्लामिक वेबसाइट पर अपने रासायनिक और जैविक हथियारों के विशेषज्ञ की अमेरिकी हमले में मौत की पुष्टि कर दी है।
पाकिस्तान के कबायली इलाके में 28 जुलाई को अमेरिका द्वारा एक मदरसे पर किए गए हमले में तीन अन्य अल कायदा सदस्य तथा कई बच्चों की मौत हुई थी।
अल माजरी उर्फ मीदहात मुसरी को अल कायदा के जनसंहार हथियार कार्यक्रम का प्रमुख माना जाता था। विश्वास किया जाता है कि जार्डन की राजधानी अम्मान में 2004 में विफल रासायनिक हमले की योजना उसी ने बनाई थी।
माजरी को अमेरिका में 11 सितंबर 2001 में हुए आतंकवादी हमले के पहले ही अल कायदा के गैर पारंपरिक युद्ध का प्रमुख नियुक्त किया गया था।
मिस्र का मूल निवासी माजरी अफगानिस्तान में कुत्तों पर रासायनिक हथियारों का प्रयोग करता था।
उसने जैविक हथियार बनाने और उसके उपयोग के लिए कई फार्मूले लिखे थे। अमेरिका ने माजरी पर 50 लाख डालर का ईनाम रखा था।
विशेषज्ञों के अनुसार माजरी की मौत अल कायदा के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।
अमेरिकी सेना ने पाकिस्तान के दक्षिणी वजीरिस्तान में 28 जुलाई को मिसाइलों से हमला करके एक मदरसे को ध्वस्त कर दिया था। उस समय से माजरी की मौत के बारे में संदेह बना हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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