नेपाली राजपरिवार के अधिकांश सदस्य सिंगापुर पहुंचे
काठमांडू, 4 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में राजशाही के समाप्त होने के बाद राजपरिवार के अधिकांश सदस्य सिंगापुर पहुंच चुके हैं। राजा ज्ञानेंद्र के पुत्र पारस ने सबसे पहले नेपाल छोड़ा था।
काठमांडू, 4 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में राजशाही के समाप्त होने के बाद राजपरिवार के अधिकांश सदस्य सिंगापुर पहुंच चुके हैं। राजा ज्ञानेंद्र के पुत्र पारस ने सबसे पहले नेपाल छोड़ा था।
पारस के बाद उनकी पत्नी हिमानी और तीन बच्चों ने भी सिंगापुर की राह पकड़ ली। अब राजा की पुत्री पिराना ने भी अपने भाई की तरह सिंगापुर में ही रहने का निश्चय किया है।
पिराना के व्यापारी पति राजबहादुर सिंह पहले ही पिछले महीने मीडिया की नजरों से बचकर सिंगापुर पहुंच गए हैं। पिराना के साथ उनका चार साल का लड़का पार्थव भी था।
नेपाली टेबलायड 'जन आस्था' के अनुसार इस समय वे सिंगापुर के आर्चर रोड पर स्थित एक अपार्टमेंट रह रहीं हैं और अपने एकमात्र बच्चे का नाम ब्रिटिश स्कूल में लिखवाने का प्रयास कर रही हैं।
पिराना के पति राजबहादुर सिंह तब चर्चा में आए जब राजा ज्ञानेंद्र ने देश की सभी शक्तियां अपने हाथ में ले ली। उनकी निजी मोबाइल फोन कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए नेपाल की सरकारी फोन सेवा और भारत की संयुक्त फोन सेवा यूनाईटेड टेलीकॉम को अपनी सेवाएं रोकने पर बाध्य किया गया।
2006 में नई सरकार के सत्ता में आने के बाद उनके अनुबंध को रद्द कर दिया गया। उनके ऊपर एक भारतीय व्यापारी को अपना लोकप्रिय पांच सितारा होटल उनको सौंपने के लिए दबाव डालने का भी आरोप है।
राजशाही विरोधी नई सरकार में अपना धंधा मंदा होते देख राजा के दामाद ने अपना नया ठिकाना खोजना ही बेहतर समझा और पारस के साथ सिंगापुर में रहने का निश्चय किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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