मुशर्रफ ने दिया था सीआईए को अड्डे बनाने का न्यौता !
इस्लामाबाद, 10 जून (आईएएनएस)। पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने अमेरिकी खुफिया एजेंसी 'सेंट्रल इंटीलिजेंस' (सीआईए) को देश के उत्तरी इलाके में इस्लामी आतंकवादियों के विरूद्ध कार्रवाई शुरू करने के लिए गुप्त ठिकाना बनाने की अनुमति दी थी।
ये बातें लेखक और पत्रकार अहमद राशिद ने अपनी नई किताब 'डिसेंट इनटू चाओस' में कही है। उन्होंने कहा, "अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी के निदेशक माइक मेक्कोनेल और सीआईए के निदेशक जनरल माइकल हेडन 9 जनवरी 2008 को इस्लामाबाद आए थे। यहां उन्होंने आतंकवादियों पर हमले करने के लिए सीआईए के एक गुप्त अड्डे की स्थापना को लेकर बातचीत की थी।"
पाकिस्तानी समाचार पत्र 'द न्यूज' ने राशिद की इस पुस्तक के हवाले से रिपोर्ट प्रकाशित की है। रिपोर्ट के अनुसार सीआईए का अड्डा पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर स्थित संघ प्रशासित कबीलाई क्षेत्र (एफएटीए) में था। यह क्षेत्र तालिबान और अलकायदा के आतंकवादियों के लिए सुरक्षित माना जाता है।
पुस्तक में इस बात का उल्लेख किया गया है कि पाकिस्तान के आतंकवाद निरोधक दस्ते को अमेरिका के विशेष सुरक्षा बल से प्रशिक्षण दिलाने के लिए मुशर्रफ तैयार हो गए थे। पुस्तक में देश में फरवरी में हुए चुनावों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) की भूमिका के बारे में भी चर्चा की गई है।
राशिद ने पुस्तक में इस बात का उल्लेख किया है कि बुश प्रशासन ने मुशर्रफ को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की बेनजीर भुट्टो के साथ सत्ता में भागीदारी करने की सलाह दी थी।
उन्होंने कहा, "मौत से दो हफ्ते पहले बेनजीर भुट्टो ने ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए मुझसे कहा था कि उन पर व्हाइट हाउस का दबाव है, खासकर उपराष्ट्रपति डिक चेनी के कार्यालय से।"
बेनजीर की हत्या के बाद उनके पति आसिफ अली जरदारी पर भी इस बारे मेंअमेरिका का दबाव था। पुस्तक में कहा गया है कि जरदारी ने अमेरिका की अनदेखी कर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के साथ मिलकर गठबंधन सरकार बनाई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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