सरकार भारतीय मजदूरों को अमेरिका भेजने वाली कंपनी का पक्ष सुने : न्यायालय

नई दिल्ली, 9 जून (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सरकार से कहा है कि वह उस नियोक्ता एजेंसी के बारे में जानकारियां हासिल करे जिसके माध्यम से मिसीसिपी के जहाज पर भेजे गए तकरीबन 120 भारतीय मजदूरों ने अमानवीय स्थितियों की शिकायत की थी। न्यायालय ने कहा कि जानकारी हासिल करने के बाद ही सरकार को इस बारे में कोई कार्रवाई करनी चाहिए।

उल्लेखनीय है कि अमेरिका के मिसीसिपी में जहाज पर काम कर रहे इन भारतीय कामगारों का कहना था कि उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं हो रहा है और उन्हें उचित भोजन भी नहीं दिया जाता है। ये मजदूर मुंबई की दीवान कंसलटेंट्स प्राइवेट लिमिटेड (डीसीपीएल) के माध्यम से भेजे गए थे। सरकार ने इसका लाइसेंस रद्द कर दिया है।

डीसीपीएल ने दिल्ली उच्च न्यायालय में मामला दायर किया था कि सरकार उसके पक्ष की जानकारियां पाने का प्रयास नहीं कर रही है। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश रेखा शर्मा ने अपने आदेश में सरकार से कहा कि वह कार्रवाई के पहले डीसीपीएल के पक्ष की जानकारियां हासिल करे।

उल्लेखनीय है कि 2006 में एक कंपनी 'सिग्नल इंटरनेशनल' ने डीपीसीएल के माध्यम से 590 भारतीय कामगारों की नियुक्तियां की थीं। ये मजदूर एच2बी गेस्ट वर्कर वीजा पर अमेरिका में 10 महीनों के लिए गए थे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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