'वृद्ध अदालतें' एक अनोखा प्रयास
नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। वृद्धों की समस्याएं दूर करने के प्रयासों के तहत अनूठी पहल करते हुए उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और झारखंड में 'वृद्ध अदालतें' लगाई जा रही हैं।
नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। वृद्धों की समस्याएं दूर करने के प्रयासों के तहत अनूठी पहल करते हुए उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और झारखंड में 'वृद्ध अदालतें' लगाई जा रही हैं।
एक गैरसरकारी संगठन 'हेल्पएज इंडिया' 2005 से ही वृद्धों के लिए इसी तरह के प्रयास कर रही है। इन तीनों राज्यों के सबसे गरीब जिलों के 15 गांवों में इस प्रकार की अदालतें लगाई जा रही हैं।
हेल्पएज इंडिया के अभिजीत कुमार ने बताया, "हम इस कार्यक्रम में वृद्धों से जुड़ी समस्याओं का हल खोजते हैं। इन अदालतों द्वारा हम उन्हें बिना किसी मध्यस्थ के सुझाव देते हैं।"
कुमार ने कहा कि वृद्ध अदालत की शुरुआत झारखंड से हुई, उसके बाद अन्य दो राज्यों में भी इसे प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया। झारखंड में हेल्पएज इंडिया से संबद्ध राजीव राव ने कहा, "वृद्ध अदालते कोई संवैधानिक ढांचा नहीं हैं और ना ही ये पंजीकृत हैं। "
वृद्ध अदालतों के सदस्य पांच बुजुर्ग होते हैं, जिनमें दो से तीन महिलाएं होती हैं। इन अदालतों में आपसी विवादों के अलावा गांव के विकास संबंधी मसलों पर भी चर्चा होती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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