असम में शांति प्रक्रिया फिर से शुरू कराना चाहता है पीसीजी

नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। असम सरकार और आतंकवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के बीच मध्यस्थता कर रहा पीपुल्स कंस्लटेटिव ग्रुप (पीसीजी) ठप्प पड़ी शांति प्रक्रिया फिर से शुरू कराने के पक्ष में है।

(पीसीजी) की वार्ताकार मामोनी रेसोम गोस्वामी ने आईएएनएस से कहा, "एक हफ्ते के अंदर ही पीसीजी सरकार और उल्फा से शांति वार्ता फिर से प्रारंभ करने की औपचारिक अपील करेगा।"

असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कुछ दिन पहले ही आतंकवादी संगठनों, खासकर उल्फा से कहा था कि बातचीत से पहले वे हथियार डाल दें और हिंसा का रास्ता छोड़ें ।

गोस्वामी ने कहा, "दोनों पक्ष शांति प्रक्रिया को लेकर फिलहाल चुप्पी साधे हुए है। पीसीजी चाहता है कि एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच फिर से बातचीत शुरू हो। यदि दोनों पक्ष एक दूसरे की बात नहीं सुनेंगे, तो राज्य में तीन दशकों से चला आ रहा हिंसा का दौर नहीं थमेगा।"

गौरतलब है कि सितंबर 2006 में उल्फा ने केंद्र सरकार के साथ बातचीत के लिए 11 सदस्यीय समूह पीसीजी की स्थापना की थी। पीसीजी और सरकार के बीच दो दौर की बातचीत हो चुकी है। मई 2006 में तीसरे दौर की प्रस्तावित वार्ता दोनों पक्षों में मतभेद के कारण नहीं हो पाई।

असम के मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार गोगोई उल्फा के साथ बातचीत को तैयार हैं बशर्ते कि उल्फा हिसा का रास्ता छोड़े और संविधान के दायरे में बातचीत करे। पिछले ही सप्ताह दिसपुर में यूनीफाइड कंमाड स्टर्कचर (यूसीएस) की बैठक में गोगोई ने कहा था कि आतंकवादी गुट द्वारा स्वायत्ता की मांग छोड़ने के बाद ही दोनों पक्षों के बीच वार्ता संभव है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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