उत्तर प्रदेश में गरीबों के लिए हर साल बनेंगे एक लाख मकान
लखनऊ , 3 जून (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री मायावती ने आज बसपा के संस्थापक कांशीराम के नाम पर एक शहरी आवास योजना घोषित की जिसके तहत शहर में रहने वाले गरीबों के लिए प्रति वर्ष एक लाख पक्के मकान बनाए जाएंगे। प्रदेश सरकार जेल में बंद ऐसे कैदियों को विधिक सहायता भी उपलब्ध कराएगी, जो संसाधनों के अभाव में रिहा नहीं हो पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री मायावती ने आज एक संवाददाता सम्मेलन में दोनों निर्णयों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 'मान्यवर श्री कांशीरामजी शहरी गरीब आवास योजना' के तहत पहले चरण में सभी जिला मुख्यालयों पर सड़क, बिजली, पेयजल जैसी सुविधाओं के साथ दो कमरों के एक लाख पक्के मकान बनाए जाएंगे। बड़े जिलों में डेढ़ हजार तथा छोटे जिलों में एक हजार मकान बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के दूसरे चरण में प्रदेश की सभी नगरपालिका परिषदों और तीसरे चरण में सभी नगर पंचायतों को शामिल कर वहां भी शहरी गरीबों के लिए पक्के मकान बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सर्वसमाज की निराश्रित विधवाएं, निराश्रित विकलांगों एवं गरीबों के साथ-साथ अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेलों में ऐसे कैदी भी हैं जो असहाय व वृद्ध हैं तथा उन्होंने ऐसा अपराध भी नहीं किया है जिससे समाज पर प्रतिकूल असर पड़ता हो। उन्होंने कहा कि ऐसे विचाराधीन कैदी भी हैं जो निर्धारित सजा की आधी अथवा इससे ज्यादा काट चुके हैं और इन्हें जमानत पर रिहा किया जा सकता है लेकिन इनके पास संसाधन ही नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने ऐसे सभी कैदियों को आईपीसी की धारा 436(1) परंतु 436 (ए) से आच्छादित, के तहत विधिक सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के इस फैसले से ढाई हजार कैदियों की रिहाई के द्वार खुलेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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