बांग्लादेश की जेलों में चिकित्सकों और नर्सो की कमी
ढाका, 1 जून (आईएएनएस)। बांग्लादेश की जेलों में चिकित्सकों और नर्सो की बेहद कमी है और आलम यह है कि किसी के बीमार पड़ जाने पर दोषी ठहराये जा चुके कैदियों को ही उसकी तीमारदारी करनी पड़ती है।
इस समय देश की 67 जेलों में बंद लगभग 86,000 कैदियों की देखभाल के लिए इस समय सिर्फ 17 चिकित्सक हैं और वे भी प्रतिनियुक्ति पर हैं।
समाचार पत्र द डेली स्टार ने बताया है कि जेल अस्पतालों में न तो नर्से हैं और न ही एंबुलेंस। किसी कैदी के बीमार पड़ने पर कठोर कारावास की सजा पाये कैदियों को ही मरीजों की देखभाल का जिम्मा सौंपा जाता है।
गौरतलब है कि पिछले साल जेलों में कैदियों की तादाद दो लाख से ज्यादा हो जाने से वहां भीड़ बढ़ गयी है, जिससे साफ सफाई की समस्या उत्पन्न हो गयी है तथा कैदियों में बीमारियां फैल रही है।
देश के सबसे बड़े ढाका जेल अस्पताल में सिर्फ चार चिकित्सक हैं, उनमें से भी दो को संसद की तरफ से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और बेगम खालिदा जिया की देखभाल को दायित्व सौंपा गया है। बांग्लादेश सरकार ने अभी तक हसीना को अमेरिका जाकर इलाज कराने की अनुमति नहीं दी है।
समाचार पत्र ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ढाका की जेल के अस्पताल में मरीजों के लिए 172 बिस्तर हैं, लेकिन वहां हमेशा 250 से लेकर 300 बीमार कैदियों का तांता लगा रहता है।
आंकड़ों के अनुसार, देशभर के जेल अस्पतालों में 27,000 कैदियों के इलाज के 77 चिकित्सकों के पद हैं। जेलों के अस्पतालों में हमेशा मरीज बहुत ज्यादा रहते हैं इसलिए 86हजार कैदियों के लिये 230 से ज्यादा चिकित्सक होने चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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