भाजपा कार्यकारिणी में आडवाणी को प्रधानमंत्री बनाने की रणनीति पर होगी चर्चा
नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आगामी एक और दो जून को दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में वैसे तो कांग्रेसनीत केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की नीतियों और उसकी असफलताओं की बखिया उधेड़ने की पूरी तैयारी हो चुकी है लेकिन इस सब के बीच कार्यकारिणी का सबसे बड़ा मुद्दा यही होगा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक कैसे पहुंचाया जाए।
आडवाणी को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में घोषणा किए जाने के बाद भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की यह पहली बैठक हो रही है। भोपाल में हुई पार्टी की पिछली राष्ट्रीय कार्यकारिणी में ही आडवाणी ने खुद को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में प्रोजेक्ट करने की पूरी रणनीति तैयार कर ली थी लेकिन भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की चिठ्ठी सार्वजनिक कर आडवाणी की मंशा पर पानी फेर दिया था।
वाजपेयी की उस बहुचर्चित चिठ्ठी का सार था कि वे धीरे-धीरे स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं और जल्द ही सक्रिय भूमिका में आएंगे। वाजपेयी की वह चिठ्ठी कार्यकारिणी में सबसे ज्यादा चर्चा में रही थी।
अब जबकि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में आडवाणी के नाम की घोषणा हो चुकी है तो निश्चित तौर पर आडवाणी ही इस कार्यकारिणी के केंद्र में रहेंगे। पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कार्यकारिणी के एजेंडे की आज जब घोषणा की तो उससे भी यही जाहिर हुआ कि कर्नाटक की जीत से उत्साहित पूरी पार्टी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती ताकि आडवाणी की प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने की राह आसान हो सके।
नकवी ने संवाददाताओं को बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी में तीन प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। पहला प्रस्ताव राजनीतिक होगा। दूसरा केंद्र सरकार की भ्रमित करने वाली नीतियों व आमजन को हो रही परेशानी से जुड़ा होगा जबकि तीसरा बदलते राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद पड़ोसी देशों के साथ बदलते रिश्तों पर होगा।
नकवी ने बताया कि जिन राज्यों में इस वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं वहां की तैयारियों पर विशेष चर्चा की जाएगी। चुनावी वाले राज्यों के अध्यक्ष अपनी उपलब्धियों व महत्वपूर्ण योजनाओं की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा भाजपा व राजग शासित राज्यों से किए जा रहे भेदभावपूर्ण बर्ताव पर भी चर्चा की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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