हिलेरी ने एक ओर मोर्चा खोला
वाशिंगटन, 29 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए जारी चुनावी दौड़ में बराक ओबामा से पिछड़ने के बावजूद हिलेरी क्लिंटन का मनोबल टूटा नहीं है। उन्होंने देश के इस सर्वोच्च ओहदे पर काबिज होने की होड़ में ओबामा के खिलाफ एक और मोर्चा खोल दिया है।
वाशिंगटन, 29 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए जारी चुनावी दौड़ में बराक ओबामा से पिछड़ने के बावजूद हिलेरी क्लिंटन का मनोबल टूटा नहीं है। उन्होंने देश के इस सर्वोच्च ओहदे पर काबिज होने की होड़ में ओबामा के खिलाफ एक और मोर्चा खोल दिया है।
दलीय प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले दो प्रांतों फ्लोरिडा और मिशीगन से निपटने के लिए डेमोकेट्रिक पार्टी की ओर से शनिवार को आयोजित होने वाली अहम बैठक से पहले हिलेरी ने अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए एक नया तुरुप चला है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में इन दोनों प्रांतों के सभी डेलिगेटों को बुलाए जाने की मांग की है। वैसे, चर्चा है उनकी इस मांग को पूरी तरह स्वीकार करने में कठिनाई आ सकती है।
फ्लोरिडा और मिशीगन को पार्टी के कानून का उल्लंघन कर समय से पहले प्राइमरी चुनाव कराने का दोषी करार देते हुए उन्हें डेलिगेटों से वंचित कर दिया गया था। डेमोक्रेटिक पार्टी अगस्त में कोलोराडो के डेनवर में अपने राष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रपति पद के निर्णायक उम्मीदवार की घोषणा करेगी।
जनवरी में जब उपरोक्त दोनों प्रांतों में समय से पूर्व प्राइमरी चुनाव कराया गया था तो हिलेरी को उसमें जीत मिली थी। वैसे, शुरू में सभी उम्मीदवारों ने इन दोनों प्रांतों में चुनाव प्रचार नहीं करने का फैसला किया था। ओबामा ने तो नाराज होकर मिशीगन के प्राइमरी चुनाव से अपना नाम ही हटा लिया था।
पार्टी की विधि समिति को यह फैसला करना है कि पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में इन दोनों प्रांतों के कितने डेलिगेट भाग लेंगे। हिलेरी का मानना है कि इन दोनों राज्यों में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उनकी झोली में अधिक डेलिगेट आ सकते हैं। इससे हिलेरी को ओबामा के करीब पहुंचने का मौका मिलेगा और वे सुपर डेलिगेटों को प्रभावित कर सकेंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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