आरुषि हत्याकांड : यूपी सरकार ने की सीबीआई जांच की सिफारिस (लीड)
लखनऊ, 29 मई (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री मायावती ने आरुषि-हेमराज हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति करते हुए इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखा है।
यद्यपि, मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की सीबीआई जांच की सिफारिश केंद्र सरकार स्वीकार नहीं करती, लेकिन पीड़ित परिवार ऐसा चाहता है इसलिए वह सीबीआई जांच की संस्तुति कर रही हैं।
यहां आज एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सीबीआई आरुषि-हेमराज हत्याकांड की जांच स्वीकार नहीं करती तो उत्तर प्रदेश की पुलिस यथावत जांच करती रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश पुलिस पूरी कर्मठता से मामले की जांच कर रही है लेकिन अगर किसी पुलिस अधिकारी की ओर से कोई अनुचित कृत्य किये जाने की बात सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि नोएडा के इस हत्याकांड को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ओछी राजनीति कर रही है। उन्होंने बाल अधिकार संबंधी राष्ट्रीय आयोग द्वारा इस मामले में दखल दिये जाने को अनावश्यक और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक को इस बाबत नोटिस दिया जाना राजनीति से प्रेरित लगता है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में तो कांग्रेस की सरकार है और वहां रोज बड़ी-बड़ी आपराधिक वारदातें हो रही हैं। अगर वह इजाजत दे दें तो उनकी सरकार के मंत्री भी कांग्रेस पर हमलावर हो जायेंगे लेकिन यह लोकतंत्र के लिये हितकारी नहीं होगा।
गुर्जर
मुख्यमंत्री मायावती ने गुर्जर समाज के लोगों से कानून को अपने हाथ में न लेने की अपील करते हुए कहा है कि वे इस मसले को बातचीत के जरिये हल करें। उन्होंने आन्दोलन में मारे गये लोगों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए एक बार फिर राजस्थान और केन्द्र की सरकार से मामले का हल निकालने की अपील की है।
स्टॉक सीमा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा मंहगाई पर अंकुश लगाने के लिए लागू की गई स्टॉक सीमा के बारे में कहा कि यह प्रदेश सरकार का नहीं है। स्टॉक सीमा का निर्णय केन्द्र सरकार का है और प्रदेश सरकार ने केवल इसे लागू किया है। उन्होंने कहा कि व्यापारी समुदाय इसको लेकर भ्रमित न हों।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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