किशोरों को समूह में शराब पीना जोखिम भरा नहीं लगता
सिडनी, 28 मई (आईएएनएस)। आस्ट्रेलियाई उच्च विद्यालय और विश्वविद्यालय के छात्रों पर 5 से ज्यादा वर्षो तक बातचीत करने रहने के बाद अध्ययन में पाया गया कि उनमें से ज्यादातर लोग समूह में शराब पीने (बिंज ड्रिंकिंग) को जोखिम भरा नहीं मानते।
लगभग 13 प्रतिशत छात्र धड़ल्ले से हर रोज शराब पीते हैं जबकि 43 प्रतिशत लोग किसी खास अवसर पर शराब पीते हैं। इस उम्र में वे शराब पीने के अपने व्यवहार को बदल नहीं पाते।
शोधकर्त्ताओं ने इसे किशोरों के लिए इंटरनेट पर अश्लील चित्र देखने, कक्षा और परीक्षा से भाग जाने जैसी हरकतों जैसे जोखिम लेने वाली आदत बताया है।
सर्वेक्षण से जुड़े तस्मानिया विश्वविद्यालय के जॉन एबोटो-चैंपमैन ने कहा, "बदकिस्मती से किशोर इस तरह से अपना भविष्य कहीं ज्यादा बर्बाद कर देते हैं।"
किशोरों से 26 जोखिम वाले व्यवहारों के विषय में पूछा गया। इन्हें एक्स-श्रेणी के वीडियो देखने, सिगरेट पीने, सूर्य की रोशनी में नहाने, कक्षा से भाग जाने और शराब पीने जैसे भाग में बांट दिया गया था। समूह में शराब पीने को इन किशोरों ने सबसे कम जोखिम भरा बताया।
एब्बोट-चैपमैन ने कहा, "ड्रग से जुड़े कार्यकलापों जैसे- एक-दूसरे की सुई प्रयोग करने, हेरोइन का सेवन करने, कोकिन लेने, तेज गाड़ी चलाने या हर्षोन्माद को उन्होंने सबसे ज्यादा जोखिम भरा बताया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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