ढाका व यूएनएचसीआर म्यांमार के शरणार्थियों की वापसी का प्रयास तेज करेंगे

ढाका, 28 मई (आईएएनएस)। शरणार्थियों से संबद्ध संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) और बांग्लादेश सरकार उस त्रिपक्षीय समझौते को फिर से अमल में लाने को सहमत हो गए हैं, जिसमें म्यांमार के रोहंगिया शरणार्थियों को स्वैच्छिक वतन वापसी का विकल्प दिया गया है।

इस समझौते में रोहंगिया शरणार्थियों को उन देशों में भी बसाए जाने की योजना है जहां की सरकार उन्हें पुनर्वासित करने को तैयार है। यूएनएचसीआर प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, "हमारा उद्देश्य है इस सिलसिले में बांग्लादेश, यूएनएचसीआर और म्यांमार के बीच एक त्रिपक्षीय प्रणाली को फिर से अस्तित्व में लाना, ताकि रोहंगिया मुसलमानों की वापसी या पुनर्वास का रास्ता साफ हो।"

सन 1991 में म्यांमार की सैन्य सरकार द्वारा चलाए गए एक दमन से परेशान होकर हजारों रोहंगिया मुसलमान भागकर बांग्लादेश आ गए थे। म्यांमार के रखाइन प्रांत से करीब 258,000 मुसलमान भागकर बांग्लादेश आ गए थे। तत्कालीन बांग्लादेश सरकार ने इन्हें शरणार्थी के रूप में पंजीकृत किए जाने का आदेश दिया था। वर्ष 2006 में करीब 237,000 शरणार्थी म्यांमार लौट गए। शेष शरणार्थी कॉक्स बाजार के नायापारा और कुटुपालोंग स्थित दो शिविरों में रह रहे हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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