गरीबी दूर करने में भारत को तथ्य आधारित नीतियों की जरूरत : विशेषज्ञ
दुबई, 28 मई (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इकट्ठे हुए विशेषज्ञों ने राय व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में गरीबी दूर करने के लिए नए उपायों को अपनाया जाना चाहिए। विशेषज्ञों ने कहा कि गरीबी दूर करने के लिए 'तथ्य आधारित नीतियों' का पता करने के लिए जमीनी स्तर पर शोध किया जाना चाहिए।
दुबई, 28 मई (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इकट्ठे हुए विशेषज्ञों ने राय व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में गरीबी दूर करने के लिए नए उपायों को अपनाया जाना चाहिए। विशेषज्ञों ने कहा कि गरीबी दूर करने के लिए 'तथ्य आधारित नीतियों' का पता करने के लिए जमीनी स्तर पर शोध किया जाना चाहिए।
भारत के जवाहरलाल नेहरु नगरीय नवीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) के निदेशक पी. के. मोहंती ने आईएएनएस को बताया कि भारत की नीतियों में सबसे अधिक वरीयता गरीबी दूर करने को दी गई है।
दुबई में 'ब्रिजिंग पॉलिसी एंड रिसर्च' पर आयोजित एक कार्यशाला में मोहंती ने यह स्वीकार किया कि भारत की नीतियां अच्छे शोध पर आधारित हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि भारत में गरीबी से लड़ाई लड़ने के लिए तथ्य आधारित नीतियों को अपनाने की जरूरत है और यह केवल अच्छे शोध के माध्यम से ही हो सकता है।
अनुसंधान और नीतियों की एक वैश्विक संस्थान ग्लोबल डेवलपमेंट नेटवर्क (जीडीएन) द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में मोहंती ने कहा कि भारत को दो अंकों की विकास दर का लक्ष्य रखना होगा।
सेमिनार में घाना से आए जीडीएन अध्यक्ष गोविन्द नानकानी ने आईएएनएस से चर्चा करते हुए गरीबी दूर करने के लिए अलग ही उपाय सुझाए। उन्होंने कहा कि भारत में आधारभूत संरचनाओं के विकास की आवश्यकता है और उस पर जोर दिया जाना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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