वसुंधरा की चिठ्ठी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, राजनीति जारी
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। गुर्जर आरक्षण की मांग को लेकर राजस्थान में चल रही हिंसा के दौर के बीच राजस्थान की भाजपा सरकार व केंद्र में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी का एक दूसरे पर दोषारोपण भी जारी है।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया द्वारा सोमवार को गुर्जर समुदाय को चार से छह फीसदी आरक्षण दिए जाने संबंधी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भेजे गए सिफारिशी पत्र पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है।
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को जो पत्र भेजा है वह अपूर्ण है और इसमें आवश्यक दिशा निर्देशों का अनुपालन भी नहीं हुआ है।"
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने गुर्जरों को 4 से 6 फीसदी आरक्षण दिए जाने की सिफारिश की है लेकिन यह संविधानेत्तर नहीं है। क्योंकि उच्चतम न्यायालय के एक आदेश के मुताबिक किसी भी राज्य में आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से अधिक नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा इस प्रकार की सिफारिशों में संबंधित समुदाय की आर्थिक व सामाजिक स्थिति का अध्ययन किए जाने के बाद उप जिलाधिकारी अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजता है और फिर जिलाधिकारी मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट भेजता है। इसके आधार पर मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के पास सिफारिश भेजता है लेकिन वसुंधरा सरकार द्वारा भेजी गई सिफारिश में इस प्रकार के अध्ययन रिपोर्ट का कोई जिक्र नहीं है।
इधर, भाजपा ने कहा है कि राज्य सरकार राजस्थान में शांति बहाल करने के लिए सभी प्रयास कर रही है लेकिन कुछ राजनीतिक दल अपने निजी स्वार्थ के लिए इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, "यह बेहद संवेदनशील मुद्दा है और आरक्षण देने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है। इसलिए उसे अब पहल करनी चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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