बंद पड़े उर्वरक संयंत्रों को पुनर्जीवित करेगी सरकार
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के पांच उर्वरक संयंत्रों को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई है।
पासवान ने कहा कि किसानों को तमाम किस्म के उर्वरकों की पर्याप्त आपूर्ति के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बंद पड़े उर्वरक संयंत्रों को पुनर्जीवित करने के लिए निवेश नीति बनाई जा चुकी है।
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के चार वर्षीय रिपोर्ट कार्ड जारी करने के मौके पर पासवान ने आज कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड (एनएफएल) बरौनी और रामागुंडम स्थित संयंत्र को पुनर्जीवित करेगी। इसके अलावा दुर्गापुर और तलचर स्थित संयंत्रों को फिर से चालू करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय रसायन एवं उर्वरक (आरसीएफ) की होगी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में बंद हुए गोरखपुर के उर्वरक संयंत्र को पुनर्जीवित करने का काम कृषक भारती को-आपरेटिव (कृभको) करेगी।
मंत्रालय के मुताबिक उर्वरक संयंत्रों को पुनर्जीवित करने की प्रक्रिया अगले चार वर्षो में पूरी कर ली जाएगी। फिर से चालू होने वाले प्रत्येक संयंत्र से प्रति वर्ष कम से कम 10 लाख टन उर्वरक का उत्पादन होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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