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जम्मू-कश्मीर के गुर्जर शुरू करेंगे रेल रोको आंदोलन

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    जम्मू, 27 मई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के गुर्जर समुदाय ने आज घोषणा की कि वह राजस्थान के गुर्जरों द्वारा अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग के पक्ष में रेल रोको अभियान शुरू करेंगे। जम्मू में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में यह घोषणा की गई।

    उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के गुर्जरों को 1991 में अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल किया जा चुका है।

    राजस्थान में आंदोलन के दौरान 35 गुर्जरों के मारे जाने पर नाराजगी जताते हुए गुर्जर समुदाय के दल 'जम्मू-कश्मीर गुर्जर्स यूनाइटेड फ्रंट' के नेता अनवर चौधरी ने कहा, "यदि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल के गुर्जरों को जनजातीय श्रेणी में शामिल किया जा सकता है, तो राजस्थानी गुर्जरों को इससे महरूम क्यों रखा जा रहा है।"

    उन्होंने कहा, "हमारा सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक आधार एक ही है। इसलिए हमारे साथ एक जैसा बर्ताव होना चाहिए।"

    चौधरी के अनुसार बुधवार से दिल्ली-जम्मू रेल मार्ग पर वह रेल रोको आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने घोषणा की, "हम दूध, मांस, सब्जियां और अन्य जरूरी वस्तुओं का आपूर्ति रोकने पर भी विचार कर रहे हैं।"

    आंदोलनकारी गुर्जरों पर गोली चलवाने को लेकर संगठन के सचिव शाह मोहम्मद ने कहा कि वसुंधरा राजे सरकार को आंदोलनकारियों का दमन रोक कर सौहार्दपूर्ण निष्कर्ष निकालना चाहिए।

    गौरतलब है कि राजस्थान में गुर्जरों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का दर्जा प्राप्त है। वह मीणा समुदाय की बराबरी में एसटी का दर्जा चाहते हैं। एक अन्य तथ्य यह है कि ओबीसी को 27 प्रतिशत और एसटी को 7.5 प्रतिशत आरक्षण की सुविधा है, लेकिन गुर्जर समुदाय का मानना है कि एसटी दर्जा मिलने से उनके लिए आरक्षण में भी बढ़ोतरी होगी।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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