मंत्री ने आरुषि की 'चरित्र हत्या' पर जताई आपत्ति (लीड-1)
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री रेणुका चौधरी ने आज उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आरुषि तलवार की 'चरित्र हत्या' की आलोचना की। वहीं बाल अधिकार समूह ने पुलिस के 'आपत्तिजनक' वक्तव्यों का मतलब जानना चाहा।
चौधरी ने संवाददाताओं को बताया, "आरुषि हत्याकांड के बाद उसके बारे में इस्तेमाल की गई भाषा पर हमें सख्त ऐतराज है।"
उन्होंने कहा, "पुलिस को ऐसे मामलों में संवेदनशील ढंग से अपनी बात रखनी चाहिए।"
उल्लेखनीय है कि 16 मई को आरुषि तलवार की उसके नोएडा स्थित घर में गला रेत कर हत्या कर दी गई थी। हत्या का शुरुआती शक तलवार परिवार के घरेलू नौकर हेमराज पर गया था, लेकिन अगले ही दिन हेमराज की लाश घर की छत पर मिलने से शक की सुई आरुषि के पिता राजेश तलवार की ओर घूमी थी।
पुलिस निरीक्षक (मेरठ रेंज) गुरदर्शन सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि तलवार ने ही अपनी 14 बेटी आरुषि की हत्या की थी क्योंकि वह उसके विवाहेतर संबंधों के बारे में जानती थी। पुलिस ने कहा था कि आरुषि अपने पिता ही की तरह 'चरित्रहीन' थी। तलवार को उसकी हेमराज के साथ नजदीकी पसंद नहीं थी।
चौधरी ने कहा, "एक मृतक लड़की के बारे में ऐसे शब्द बोलना बेहद गलत है।" उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस पर भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 499 और 509 के अधीन मामला चलाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की सच्चाई को छुपाने का प्रयास कर रही है।
उधर बाल अधिकार राष्ट्रीय परिषद ने उत्तर प्रदेश महानिदेशक को पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले आपत्तिजनक शब्दों का मतलब बताने के लिए पत्र लिखा।
परिषद की सदस्य संध्या बजाज ने कहा, "हमने गुरदर्शन सिंह द्वारा मृतक बच्ची के लिए इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर आपत्ति दर्ज की है। हमने उनसे 15 दिन के भीतर जवाब मांगा है।"
बजाज ने कहा, "यह बच्ची की इज्जत का प्रश्न है। पुलिस को जवाब देना होगा। यदि जरूरत हुई तो हम भविष्य में पुलिस द्वारा इस तरह से बच्चों का नाम लिए जाने से रोकने के लिए दिशानिर्देश जारी करेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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