गुर्जर समुदाय को आतंकित कर रही वसुंधरा सरकार : सचिन पायलट (लीड)
जयपुर/नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। गुर्जर आरक्षण की मांग को लेकर राजस्थान में भड़की हिंसा के दौरान हुई 35 लोगों की मौत के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को जिम्मेदार ठहराते हुए कांग्रेस के युवा सांसद सचिन पायलट ने राज्य सरकार पर गुर्जर समुदाय को आतंकित करने का आरोप लगाया है।
अपने लोकसभा क्षेत्र दौसा के दौरे पर जाने से राजस्थान सरकार द्वारा रोक लगा दिए जाने के बाद सचिन ने आईएएनएस से फोन पर बातचीत में कहा कि 35 लोगों की मौत की नैतिक जिम्मेवारी लेते हुए सूबे की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को स्वेच्छा से अपने पद से त्याग पत्र दे देना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि सचिन आज दौसा जिले के सिकन्दरा का दौरा करना चाहते थे और इस संबंध में उन्होंने राज्य सरकार से इजाजत भी मांगी थी। लेकिन राज्य सरकार ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी। राजस्थान सरकार ने कानून व सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए सचिन के सिकन्दरा जाने पर रोक लगा दी। सचिन वहां जाकर प्रदर्शन कर रहे गुर्जर नेताओं से मिलना चाहते थे।
इस बारे में पूछे जाने पर सचिन ने बताया कि वह सिकन्दरा जाकर गुर्जर नेताओं से बातचीत व समन्वय के जरिए मौजूदा हालातों को नियंत्रण में करने का प्रयत्न करते लेकिन राज्य सरकार ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी। उन्होंने कहा कि अपने ही लोकसभा क्षेत्र में जाने से रोक कर सरकार ने मेरे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया है।
गुर्जरों को आरक्षण देने संबंधी सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आईएएनएस से कहा, "सरकार को स्पष्ट कर देना चाहिए कि वह गुर्जरों को आरक्षण देना चाहती है या नहीं। लोगों को भ्रम में रखकर अराजकता का माहौल खड़ा करना और आतंक मचाना प्रजातंत्र में स्वीकार्य नहीं है।"
सचिन ने कहा कि वसुंधरा सरकार ने पिछले साल की घटना से कोई सबक नहीं सीखा। उसकी गलतियों के कारण इस बार भी 35 निर्दोष व निहत्थे लोगों की जान गई है। मारे गए इन लोगों के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री जिम्मेवार हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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