कनाडा ने 94 साल पुरानी घटना पर भारतीय समुदाय से माफी मांगी
वैंकूवर, 24 मई (आईएएनएस)। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत की विधानसभा ने 94 वर्ष पहले भारतीय अप्रवासियों को कनाडा पहुंचाने वाले जहाज 'कामागाटा मारू' के साथ हुए र्दुव्यवहार पर माफी मांगी है। विक्टोरिया सिटी स्थित प्रांतीय विधानसभा इस माफीनामे के बाद 'बोले सो निहाल' से गूंज उठी।
वैंकूवर, 24 मई (आईएएनएस)। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत की विधानसभा ने 94 वर्ष पहले भारतीय अप्रवासियों को कनाडा पहुंचाने वाले जहाज 'कामागाटा मारू' के साथ हुए र्दुव्यवहार पर माफी मांगी है। विक्टोरिया सिटी स्थित प्रांतीय विधानसभा इस माफीनामे के बाद 'बोले सो निहाल' से गूंज उठी।
गौरतलब है कि 'कामागाटा मारू' एक जापानी जहाज था, जिसे मलेशिया के एक धनी सिख गुरदित सिंह ने किराए पर लिया था। वह कनाडा के नस्लभेदी 'लगातार यात्रा' नीति को चुनौती देने के लिए 23 मई 1914 को हांगकांग से 376 भारतीय यात्रियों को वैंकूवर ला रहे थे।
इस नीति में प्रावधान था कि केवल वही अप्रवासी भारतीय कनाडा आ सकते हैं जो भारत से सीधे आएंगे और अपनी यात्रा में कहीं भी विराम नहीं देंगे। उस समय भारत और कनाडा के बीच जहाज द्वारा सीधे संपर्क की व्यवस्था थी। ऐसी स्थिति में 'कामागाटा मारू' कनाडा में प्रवेश नहीं कर सकता था, क्योंकि उसने जापान से यात्रा शुरू की थी।
जहाज के किसी भी यात्री को कनाडा में पांव रखने नहीं दिया गया और जहाज को दो महीने बाद बलपूर्वक लौटा दिया गया। जब यह जहाज कोलकाता लौटा तो वहां ब्रिटिश- भारतीय पुलिस ने 21 लोगों को मार दिया और कई को बाद में फांसी की सजा सुनाई।
इसी घटना पर माफीनामा प्रस्तुत करने के लिए शुक्रवार को सैंकड़ों की संख्या में भारतीय-कनाडाई नेता प्रांतीय विधानसभा की गैलेरी में इकट्ठा हुए। सत्तारुढ़ लिबरल पार्टी के नेता माइक डी जोंग ने 94 वर्ष पहले कनाडा के इस व्यवहार पर भारतीय कनाडाई समुदाय से माफी मांगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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