उप्र में मुख्य सचिव के इस्तीफे ने लिया राजनीतिक रंग

लखनऊ , 24 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के इस्तीफे को विपक्ष ने मायावती सरकार के खिलाफ मुद्दा बनाना शुरू कर दिया है।

इसकी पहल करते हुए भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने कहा है कि प्रदेश के मुख्य सचिव प्रशांत कुमार मिश्रा द्वारा दिया गया इस्तीफा प्रदेश ही नहीं बल्कि प्रशासनिक इतिहास की आश्चर्यजनक और शर्मनाक घटना है।

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रवक्ता हृदयनारायण दीक्षित ने शनिवार को कहा कि मुख्य सचिव के त्याग पत्र से साफ हो गया कि बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) सरकार में संविधान प्रतिबद्ध ईमानदार अधिकारियों को काम नहीं करने दिया जाता है।

दीक्षित ने कहा कि कैबिनेट की बैठक के तत्काल बाद दिए गए त्याग पत्र के गम्भीर निहितार्थ हैं। यह कोई साधारण घटना नहीं है। मायावती सरकार एक कंपनी की तरह चलती है और वरिष्ठ

प्रशासनिक अधिकारियों को भी कंपनी के कारिन्दे की तरह मुनाफा दिलाऊ काम करने के लिए विवश करती है।

सरकार के अनेक अधिकारी, जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारी रोजमर्रा के बेजा दबाव से परेशान हैं। वे नियमानुसार काम करने में स्वयं को सक्षम नहीं पाते।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रशासन पर बेजा राजनैतिक दबाव है। मायावती सरकार ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को ध्वस्त कर दिया है। सरकार प्रशासनिक अधिकारियों को निजी सेवक बना रही है। जो झुक जाते हैं, वे मजे में हैं और जो नहीं झुकते उनका उत्पीड़न किया जाता है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+