'श्रीलंका के पास मानवाधिकार हनन रोकने की व्यवस्था मौजूद'
कोलंबो, 24 मई (आईएएनएस)। श्रीलंका के पास मानवाधिकार हनन रोकने की व्यवस्था है, लेकिन इसके लिए उसे अपने संस्थानों की कार्यप्रणाली को दुरुस्त करना होगा।
अमेरिका की लोकतंत्र, मानवाधिकार और श्रम की उपसहायक सचिव, एरिका बार्क्स-रगेल्स के अनुसार, "मानवाधिकार सुरक्षा को हकीकत में स्थापित किया जाना चाहिए, केवल कानूनों में ही नहीं।" बार्क्स-रगेल्स नॉर्वे स्थित अमेरिकी दूतावास में कार्यरत रहते हुए पिछले कुछ समय से श्रीलंका और सूडान में शांति वार्ताओं की अगुवाई करती रही हैं।
श्रीलंका की तीन दिवसीय यात्रा पर 22 से 24 मई के दौरान बार्क्स-रगेल्स ने अनेक सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं और नागरिक नेताओं से मुलाकात की।
अमेरिका और श्रीलंका के बीच लगातार बातचीत की महत्ता पर भी उन्होंने जोर दिया। श्रीलंका में हाल ही में बाल सैनिकों की रिहाई का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि इस समस्या पर सरकार और अन्य संगठनों को गंभीरता से सोचना चाहिए और सभी बाल सैनिकों को जल्द ही आतंकी गुटों से छुटकारा दिलाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) से अलग हुए गुट तमिल मक्कल विदुथलई पुलिगल (टीएमवीपी) ने हाल ही में कुछ बाल सैनिकों को रिहा किया था।
बार्क्स-रगेल्स ने कहा लोगों के गायब होने और अपहरण के मामलों पर भी तेजी से काम किया जाना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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