नक्सली हिंसा में अनाथ हुए बच्चे गायत्री परिवार से जुड़े
हरिद्वार, 23 मई (आईएएनएस)। सामाजिक कार्यो में सक्रिय अखिल विश्व गायत्री परिवार का ध्यान अब नक्सली और आतंकवादी हिंसा में हताहत हुए बच्चों की तरफ गया है। हरिद्वार में अखिल विश्व गायत्री परिवार के मुख्यालय शांतिकुंज में नक्सली व आतंकवादी हिंसा में हताहत हुए परिवारों के अनाथ बच्चों के लिए आयोजित पांच दिवसीय मैत्री और संस्कार शिविर गुरुवार को संपन्न हो गया।
हरिद्वार के निकट शांतिकुंज में 18 मई से आयोजित किए गए इस पांच दिवसीय शिविर में पांच से पंद्रह वर्ष की आयु के 31 अनाथ बच्चों ने भाग लिया। शिविर के दौरान बच्चों को भारतीय जीवन पद्धति के बारे में विस्तार से बताया गया। पांच दिनों में इन बच्चों ने महसूस किया कि अब वे अनाथ नहीं हैं बल्कि उनका एक परिवार है। यहां बच्चों के दिवंगत हो चुके माता-पिता को भी श्रद्धांजलि दी गई।
शांतिकुंज का माहौल उस समय काफी भावुक हो गया, जब मैत्री शिविर में आए इन बालक बालिकाओं को गायत्री परिवार की प्रमुख शैल बाला पंड्या और डा. प्रणव पंड्या ने नम आंखों से बिदाई दी।
देश में आतंकवाद और नक्सली हिंसा की वजह से बेघर व अनाथ हो रहे बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसके मद्देनजर गायत्री परिवार ने अन्य सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के ऐसे बच्चों के भविष्य को संवारने और उन्हें राष्ट्र की मूल धारा से जोड़ने का जिम्मा उठाया है।
इन बच्चों लिए छत्तीसगढ़ में एक आवासीय स्कूल खोला गया हैं, जहां भोजन, शिक्षा और दैनिक आवश्यकताओं की वस्तएुं नि:शुल्क उपलब्ध है। वहां बच्चों के मनोरंजन और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भी कई व्यवस्थाएं की गई हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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