परमाणु करार पर दिवास्वप्न देख रही है सरकार : वामदल
नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। कांग्रेसनीत केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार यदि यह सोचती है कि परमाणु करार को वामपंथी दल देर सबेर हरी झंडी दे देंगे तो सरकार 'दिवास्वप्न' देख रही है। यह कहना है फारवर्ड ब्लॉक के नेता देवब्रत बिस्वास का।
भारत-अमेरिका परमाणु करार के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए वामदलों के प्रमुख नेताओं की आज हुई बैठक के बाद बिस्वास ने आईएएनएस से यह बातें कही। उन्होंने कहा कि अगामी 28 मई को वामपंथी दलों की एक और बैठक होगी। इस बैठक में करार पर आगे की रणनीति के बारे में विस्तार से चर्चा की जाएगी।
इससे पहले, प्रमुख वामपंथी दल माकपा ने एक बार फिर कहा है कि वह परमाणु करार पर सरकार को आगे बढ़ने नहीं देगी। आज की बैठक में हुई चर्चा का ब्यौरा देते हुए माकपा महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि परमाणु करार पर हमारा जो रूख था उसमें थोड़ी भी नरमी नहीं आई है।
उन्होंने बताया कि संप्रग सरकार बार-बार यह संदेश दे रही है कि यूरेनियम ईंधन की कमी के कारण देश का परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम प्रभावित हो रहा है और करार हो जाने से भारत की यह समस्या समाप्त हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि देश में यूरोनियम ईंधन की कमी है। लेकिन सवाल यह है कि यह जरूरत कहीं अस्थायी तो नहीं है जो उचित योजना के अभाव के कारण पैदा हुई है।
वामदलों ने कहा है चिंता की बात यह है कि ईंधन की अस्थायी कमी को केंद्र सरकार स्थायी कमी का रंग देकर परमाणु करार पर आगे बढ़ना चाहती है। वामपंथी दलों ने दलील है कि देश में मौजूद संसाधनों का दोहन करके भी इस कमी को स्थायी रूप से दूर किया जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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