भोपाल में करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
भोपाल, 23 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार करके उनके पास से नकली सीलें और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
भोपाल के पुलिस अधीक्षक जयदीप प्रसाद ने संवाददाताओं को बताया कि इस गिरोह के सदस्य फर्जी दस्तावेजों से बैंक से ऋण निकालने और नगर निगम से निराश्रितों को मिलने वाली सहायता आदि के आहरण का काम करते थे। गिरफ्तार किए गए लोगों में गणेश कंप्यूटर सेंटर का संचालक है। इसके अलावा बैंक कर्मचारी रवि चौरसिया और खालिद सिद्दीकी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
इस गिरोह के सदस्य कम्प्यूटर के माध्यम से परिचय पत्र, मतदाता परिचय पत्र, राशन कार्ड आदि बना लेते थे। इसके बाद बैंक और नगर निगम कर्मचारियों की मदद से राशि का आहरण कर लेते थे।
इस गिरोह के सदस्यों की गुरुवार को हुई एक चूक ने उन्हें पुलिस तक पहुंचा दिया। गणेश उर्फ राजेश ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की जहांगीराबाद शाखा में खाता खोला और 41 हजार रुपये का चेक जमा कराया। बैंक प्रबंधक को इस चेक पर शक हुआ तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। शुक्रवार सुबह पुलिस ने बैंक के पास से गणेश को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने गणेश के घर पर छापा मारा, तो उसे फर्जी दस्तावेज, फर्जी सील, मृत्यु प्रमाण पत्र और परिचय पत्र मिले। साथ ही पुलिस ने कम्प्यूटर, लेजर प्रिन्टर और सील बनाने की मशीन बरामद की। इस गिरोह का मुख्य काम गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली महिलाओं के नाम से फर्जी राशन कार्ड बनाना था। इन महिलाओं के पति की मृत्यु के फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर ये लोग 10 हजार रुपये की राशि प्राप्त कर लेते थे। इस गिरोह ने ऐसे 200 प्रकरणों का भुगतान प्राप्त किया है।
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीन सदस्यों की निशानदेही पर राजकुमार राय और राजकुमार शाक्य को भी हिरासत में लिया है जिनसे पूछताछ की जा रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications