सेना ने पृथ्वी मिसाइल का सफल परीक्षण किया (लीड)
बालासोर, 23 मई (आईएएनएस)। भारतीय सेना ने शुक्रवार को सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पृथ्वी का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।
मिसाइल का परीक्षण उड़ीसा के बालासोर जिले के चांदीपुर स्थित अंतरिम परीक्षण केंद्र में सुबह 10.26 बजे किया गया। मिसाइल की मारक क्षमता 350 किलोमीटर है।
पृथ्वी मिसाइल पहले ही सेना में शामिल की जा चुकी है। शुक्रवार को किया गया परीक्षण सेना के प्रशिक्षण का एक भाग है।
पृथ्वी भारत द्वारा विकसित पहली बैलेस्टिक मिसाइल है। यह उन पांच मिसाइलों में से एक है जिनका विकास 'समन्वित मिसाइल विकास कार्यक्रम' के तहत किया गया है।
पृथ्वी की मारक क्षमता 150-250 किलोमीटर है और यह 500 किलोग्राम से एक टन तक के विस्फोटक को ले जा सकती है। पृथ्वी के दो संस्करण पहले ही वायु सेना और थल सेना में शामिल किए जा चुके हैं। पृथ्वी मिसाइल के 350 किलोमीटर दूर तक मार करने वाले तीसरे संस्करण का अभी विकास किया जा रहा है।
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिकों ने पृथ्वी मिसाइल का एंटी मिसाइल बैलिस्टिक संस्करण भी विकसित किया है।
परीक्षण के बाद डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने कहा कि पृथ्वी का एंटी बैलिस्टिक संस्करण भारत को मिसाइल प्रतिरोधक सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है। यह अमेरिका की पेट्रियाट एंटी मिसाइल प्रणाली की तरह काम करता है।
परीक्षण के अवसर पर सेना और डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। डीआरडीओ प्रमुख वी.के. सारस्वत ने परीक्षण का नियंत्रण किया।
रक्षा मंत्री ए.के. एंटोनी ने पृथ्वी के सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को बधाई दी है। रक्षामंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार एम. नटराजन ने भी इस सफल परीक्षण के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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