भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
  • search

महंगाई को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं : चिदंबरम (लीड-1)

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि महंगाई की मौजूदा स्थिति को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना तर्कसंगत नहीं होगा।

    वित्त मत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सरकार स्थितियों पर नजर रखे हुए है और जरूरी हुआ तो आवश्यक कदम उठाने से नहीं हिचकिचाएगी।

    उधर, प्रधानमंत्री की आर्थिक मामलों के सलाहकार परिषद के चेयरमैन सी. रंगराजन ने कहा है कि मौजूदा स्थितियों के मद्देनजर आने वाले 3 से 4 महीनों तक महंगाई दर में तेजी जारी रह सकती है।

    इससे पहले केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार इस महीने की 10 तारीख को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान मुद्रास्फीति की दर मामूली गिरावट के साथ 7.82 फीसदी पर आ गई। इससे पहले तीन मई को समाप्त हुए सप्ताह में यह दर 7.83 फीसदी थी।

    थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति की दर में मामूली गिरावट उस समय आई है जब दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है। आंकड़ों के अनुसार ईंधन से संबंधित सूचकांक में आलोच्य अवधि के दौरान 7.39 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। विमानन ईंधन की कीमतों में 10 फीसदी की तेजी आई।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार तेल की कीमतों में तेजी, औद्योगिक उत्पादन दर में कमी व पूंजी के अंतप्र्रवाह में जारी गिरावट के मद्देनजर महंगाई दर को काबू में करना सरकार के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रही है। क्रूड के स्टाक में आई कमी के मद्देनजर लंदन स्थित आईसीई वायदा में गुरुवार को ब्रेंट क्रूड का जुलाई वायदा 135.14 डालर प्रति बैरल की नई ऊंचाई पर दर्ज किया गया।

    न्यूयार्क मर्के टाइल एक्सचेंज यानी नाइमेक्स के इलेक्ट्रानिक कारोबार में भी तेल का जुलाई वायदा 135.09 डालर प्रति बैरल के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। तेल की कीमतों में रिकार्ड तेजी की वजह से देश की तेल कंपनियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

    डालर की तुलना में रुपये में जारी कमजोरी से भी महंगाई को नियंत्रित करने में सरकार को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। महीने की शुरुआत से डालर की तुलना में रुपये में 5 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। अंतर बैंक विदेशी मुद्रा बाजार में गुरुवार को एक डालर 43 रुपये के ऊपर दर्ज किया गया।

    इस बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आशा व्यक्त की है कि आगामी सितंबर तक कीमतों में गिरावट शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा बढ़ती कीमतों को कम करने के लिए पिछले दिनों जो प्रयास किए गए थे उनके परिणाम कुछ समय बाद दिखेंगे।

    गुरुवार को प्रधानमंत्री निवास में आयोजित समारोह में यूपीए सरकार में शामिल घटकों की मौजूदगी में मनमोहन सिंह ने कहा कि एनडीए सरकार के दौरान मुद्रास्फीति की दर 6 फीसदी तक पहुंच गई थी लेकिन उसे हमने 3 फीसदी तक बनाए रखने में कामयाबी हासिल की।

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more