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वर्ष 2012 तक 12.4 करोड़ टन इस्पात उत्पादन का लक्ष्य

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    नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। इस्पात मंत्री राम विलास पासवान ने कहा है कि वर्ष 2012 तक देश में इस्पात का उत्पादन 12.4 करोड़ टन प्रति वर्ष के स्तर तक पहुंच जाएगा, इसके लिए 2.76 खरब रुपये (64.46 अरब डालर) निवेश की योजना है।

    गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2007-08 के दौरान देश में इस्पात का उत्पादन 10.917 करोड़ टन रहा था।

    पासवन ने आज इस्पात मंत्रालय के चार वर्षीय रिपोर्ट कार्ड 'फार्जिग न्यू फ्रांटियर्स' जारी किया। इसमें संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार में इस्पात मंत्रालय द्वारा की गई प्रगति का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है।

    पासवान ने कहा कि वित्त वर्ष 2007-08 के दौरान देश में क्रूड इस्पात का उत्पादन प्रति वर्ष 10 प्रतिशत की दर से बढ़कर 5.39 करोड़ टन तक पहुंच गया। वित्त वर्ष 2002-03 में यह मात्र 3.471 करोड़ टन था।

    इस्पात मंत्री ने कहा, "वित्त वर्ष 2007-08 में 5.527 करोड़ टन तैयार इस्पात का उत्पादन हुआ, वित्त वर्ष 2002-03 में यह 4.071 करोड़ टन था।" उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 तक इस्पात क्षेत्र में निवेश बढ़कर 8.70 खरब रुपये (203 अरब डालर) तक पहुंच जाएगा।

    गौरतलब है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी 'स्टील अथोरिटी आफ इंडिया लिमिटेड' (सेल) की क्षमता विस्तार के लिए 540 अरब रुपये का निवेश प्रस्तावित है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे वर्ष 2010 तक सेल की उत्पादन क्षमता बढ़कर 2.62 करोड़ टन और वर्ष 2019-20 तक 6 करोड़ टन प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगी।

    पासवान ने कहा, "इस्पात मंत्रालय सभी दृष्टिकोण से सेल को दुनिया की प्रमुख कंपनी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।"

    इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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