सरकार के समक्ष महंगाई और आतंकवाद की दोहरी चुनौती : मनमोहन
नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि कार्यकाल के आखिरी पड़ाव में सरकार के समक्ष फिलहाल महंगाई को नियंत्रित करने और देश की आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दोहरी चुनौती है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "इस वर्ष रबि फसलों की अच्छी उपज हुई है और उम्मीद की जा रही है कि मानसून भी बेहतर होगा। इससे हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है। मुझे भरोसा है कि अगले 8-10 सप्ताह के दौरान हम बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने में सफल होंगे।"
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, "हमारी सरकार महंगाई की दर को काबू में रखते हुए उच्च विकास दर बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। महंगाई पर अंकुश लगाना सरकार की प्राथमिकताओं में है।"
प्रधानमंत्री नई दिल्ली स्थित अपने निवास पर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार के चार वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित एक भोज के दौरान बोल रहे थे।
गौरतलब है कि संप्रग सरकार को बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने में असफल रहने और देश में आतंकवादी हमले बढ़ने के कारण कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "वैश्विक स्तर पर मूल्यों में बेतहाशा वृद्धि और इस्पात एवं खाद्यान्न की कीमतें बढ़ने से हमारी घरेलू अर्थव्यवस्था बूरी तरह प्रभावित हुई है। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं।"
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में कहा था कि महंगाई और आतंकवाद को राजनीतिक मुद्दा बनाने से राजनीतिक दलों को बाज आना चाहिए। विपक्ष ने मनमोहन सरकार पर आरोप लगाया है कि वह आतंकवाद के प्रति नरम रवैया अपनाए हुए है।
मनमोहन सिंह ने कहा, "हम आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाने से नहीं हिचकिचाएंगे और देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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