खाद्यान्न संकट से फिलहाल राहत नहीं
नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। वैश्विक स्तर पर खाद्यान्नों के उत्पादन में वृद्धि के बावजूद कीमतों में तेजी जारी है। संयुक्त राष्ट्र खाद्य व कृषि संगठन से जारी ताजा खाद्य आउटलुक के अनुसार जरूरी वस्तुओं की कीमतों में मामूली नरमी देखी गई है, बावजूद आसार कम हैं कि यह घटकर पिछले वर्ष के स्तर तक आ जाए।
खाद्य वस्तुओं की कीमतों को प्रदर्शित करने वाले एफएओ सूचकांक में फरवरी 2008 के बाद से बदलाव नहीं आया है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2008 की प्रथम तिमाही के दौरान खाद्य वस्तुओं की कीमत पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 53 फीसदी ज्यादा रही है।
एफएओ के मुताबिक वर्ष 2008 के दौरान लो इनकम फूड डेफिसिट कंट्रीज (एलआईएफडीसीएस) यानी कम आय वाले देशों को खाद्यान्नों के आयात के लिए वर्ष 2007 की तुलना में 40 फीसदी अधिक यानी कुल 169 अरब डालर खर्च करना पड़ सकता है।
एफएओ ने इन देशों की खाद्य जरूरतों पर बढ़ रही खर्च के प्रति चिता जाहिर करते हुए कहा कि मौजूदा स्थिति जारी रही तो वर्ष 2008 के अंत तक इन गरीब देशों की खाद्य जरूरतों पर खर्च वर्ष 2000 की तुलना में चार गुना बढ़ जाएगा।
रिपोर्ट को जारी करते हुए एफएओ के असिसटेंट डाइरेक्टर जनरल हफीज घानेम ने कहा कि खाद्यान्न की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक स्तर पर 85.40 करोड़ लोगों के सामने भूखमरी का संकट पैदा कर दिया है।
एफएओ के अनुसार मौजूदा वर्ष के दौरान उत्पादन में वृद्धि के बावजूद कीमतों में नरमी की संभावना कम ही है। इसकी वजह स्टाक में भरपाई और खपत में बढ़ोतरी है।
रिपोर्ट में वर्ष 2008 के दौरान 2,192 करोड़ टन अनाज के रिकार्ड उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई है। वर्ष 2007 की तुलना में यह 3.8 फीसदी ज्यादा है।
उधर, संयुक्त राष्ट्र खाद्य व कृषि संगठन (एफएओ) ने वर्ष 2008-09 के लिए 16.80 करोड़ टन गेहूं के अंतिम स्टाक का अनुमान लगाया है। पिछले वर्ष की तुलना में यह 16 फीसदी ज्यादा है। वर्ष 2007-08 के दौरान गेहूं के अंतिम स्टाक में पिछले 30 वर्षो की सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई थी।
एफएओ के अनुसार वर्ष 2008 के दौरान गेहूं का बंपर उत्पादन अंतिम स्टाक में बढ़ोतरी के लिए जिम्मेदार है। समीक्षाधीन अवधि के दौरान गेहूं के उत्पादन में भी 8.7 फीसदी बढ़त का अनुमान लगाया गया है। वैश्विक स्तर पर वर्ष 2008 में कुल 65.80 करोड़ टन गेहूं का उत्पादन हो सकता है।
एफएओ ने बताया है कि अनुकूल मौसम के मद्देनजर आपूर्ति में हुए सुधार से गेहूं की कीमतों में गिरावट आई है। फरवरी 2008 की तुलना में फिलहाल गेहूं की कीमत 50 फीसदी गिरकर 240 डालर प्रति टन है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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