म्यांमार राहतकर्मियों को देश में आने की अनुमति देने पर सहमत

नयपीताव (म्यांमार), 23 मई (आईएएनएस)। म्यांमार का सैनिक शासन 'जुंता' पिछले तीन हफ्ते से चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में विदेशी सहायता को अस्वीकार करने के अपने रवैये में बदलाव करते हुए, शुक्रवार को सभी राहत कर्मियों को देश में आने की अनुमति देने पर सहमत हो गया है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून और सर्वोच्च सैनिक अधिकारी जनरल थान श्वे के बीच वार्ता के बाद म्यांमार ने यह निर्णय लिया।

जनरल श्वे के साथ मुलाकात के बाद बान ने कहा, "वह सभी राहतकर्मियों को आने की अनुमति देने पर सहमत हो गए हैं।"

गौरतलब है कि 2-3 मई को म्यांमार के केंद्रीय तट पर आए चक्रवाती तूफान 'नरगिस' के कारण 133,000 लोगों की मौत हुई है या फिर वह लापता हैं।

इस क्षेत्र में मानवीय सहायता कार्य विदेशी राहतकर्मियोको वीजा नहीं मिलने के कारण बहुत धीमा चल रहा है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव से जनरल श्वे की भेंट के बाद म्यांमार सभी देशों के राहतकर्मियों को वीजा देने पर सहमत हो गया है।

संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार चक्रवात के कारण करीब 24 लाख लोगों को भोजन, पानी, दवा और आवास की सहायता चाहिए। लेकिन करीब तीन हफ्ते बाद भी केवल 25 प्रतिशत लोगों को ही आवश्यक सहायता मिल पाई है।

पश्चिमी देशों ने इसके लिए म्यांमार के सैनिक शासन को जिम्मेदार ठहराया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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