मायावती सरकार ने किए राज्य के विकास से जुड़े कई फैसले
लखनऊ , 23 मई (आईएएनएस)। मायावती सरकार ने फतेहपुर, कौशाम्बी और नवसृजित कांशीराम नगर जिलों के क्षेत्रों में परिवर्तन करने का निर्णय किया है। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने लखनऊ में विकलांग विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 71.471 एकड़ भूमि विकलांग कल्याण विभाग को दी है।
मुख्यमंत्री मायावती की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मोम, तेंदू पत्ता एवं तैयार चमड़ा (फिनिश लेदर) को प्रवेश कर से मुक्त कर दिया है। बुंदेलखंड के सभी जनपदों में शादी अनुदान योजना के अंतर्गत सर्वसमाज के सभी पात्र लाभार्थियों को अनुदान में दिए जाने का निर्णय किया गया।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने फतेहपुर जिले की तहसील खागा के पांच राजस्व निरीक्षक क्षेत्रों का किशुनपुर नगर पंचायत सहित कौशाम्बी जिले में शामिल किए जाने का निर्णय किया है। तहसील खागा के शेष तीन राजस्व निरीक्षक तथा फतेहपुर के दो राजस्व निरीक्षक क्षेत्रों को मिलाकर 'रामपुर थरियांव' नामक नई तहसील सृजित की जाएगी।
साथ ही नवगठित कांशीराम नगर में सोरो को तहसील बनाने के लिए पिछले 17 अप्रैल को जारी अधिसूचना को रद करते हुए इसके स्थान पर सहाबर नामक तहसील बनाने का निर्णय किया गया।
बुंदेलखंड के सभी सात जिलों में शादी अनुदान योजना के अंतर्गत सर्वसमाज के सभी पात्र लाभार्थियों को अनुदान दिए जाने का निर्णय किया गया। अनुसूचित जाति व जनजाति के वगोर्ं को शादी के लिए दी जाने वाली अनुदान की राशि को दस हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किए जाने का निर्णय किया गया।
विकलांगों की उच्च शिक्षा के लिए लखनऊ में प्रस्तावित विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु मोहान रोड लखनऊ स्थित ग्राम सरोसा भरोसा एवं सलेमपुर पतौरा में कुल 71.471 एकड़ भूमि विकलांग कल्याण विभाग को दी गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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