राजनीतिक दबाव में लगा वायदा कारोबार पर रोक : चिदंबरम
नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि कुछ चीजों के वायदा करोबार पर प्रतिबंध लगाने के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार दबाव में थी, हालांकि ऐसा करने का कोई औचित्य नहीं था।
एक साक्षात्कार में वित्त मंत्री ने कहा, "मैं इससे सहमत हूं कि वायदा कारोबार पर रोक का कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और इसका कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है।"
वायदा कारोबार पर अभिजीत सेन समिति के सुझावों के बारे में उन्होंने 'तहलका' समाचार साप्ताहिक से कहा, "यह मैं नहीं बल्कि समिति कह रही है कि हमें चार चीजों चावल, गेहूं, तूअर और उड़द के वायदा पर प्रतिबंध को जारी रखना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि संसद की स्थाई समिति, विपक्ष और ग्रामिणों का कहना है कि वायदा के कारण इन चीजों की कीमतों में उछाल आया है। इस कारण सरकार इसके वायदा करोबार पर प्रतिबंध लगाने के लिए विवश हुई।
चिदंबरम ने कहा कि वह इस बात से सहमत हैं कि वायदा कारोबार पर प्रतिबंध का कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा लेकिन इसका कोई नाकारात्मक असर भी नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कभी-कभी दवाब में आपको वैसे फैसले करने पड़ते हैं जिसे आप सहमत नहीं होते।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications