काजीरंगा अभ्यारण्य का प्रशासन सेना को सौंपने की मांग

ह्यूस्टन, 22 मई (आईएएनएस)। असम में अवैध शिकार के कारण एक सींग वाले गैंडों की घटती संख्या से चिंतित असमिया मूल के प्रवासी भारतीयों ने मांग की है कि काजीरंगा अभ्यारण्य का प्रशासन सेना को सौंप दिया जाना चाहिए।

ह्यूस्टन, 22 मई (आईएएनएस)। असम में अवैध शिकार के कारण एक सींग वाले गैंडों की घटती संख्या से चिंतित असमिया मूल के प्रवासी भारतीयों ने मांग की है कि काजीरंगा अभ्यारण्य का प्रशासन सेना को सौंप दिया जाना चाहिए।

ह्यूस्टन स्थित 'फ्रैंड्स फॉर असम एंड सेवेन सिस्टर्स' (एफएएसएस) नामक संगठन के मुख्य पदाधिकारी राजेन बरुआ ने आईएएनएस को बताया, "हमें लगता है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और ऐसी ही अन्य जगहों पर मौजूदा उपायों की कमजोरी के बारे में ढेरों बातें हो चुकी हैं। अब वक्त आ गया है कि सचमुच कुछ काम किया जाए।"

संगठन ने ह्यूस्टन से जारी एक वक्तव्य में कहा है, "चूंकि असम सरकार अपना कर्तव्य निभाने में असफल रही है इसलिए अवैध शिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देशों के साथ काजीरंगा का प्रशासन कुछ समय के लिए सेना को सौंप देना चाहिए।"

गौरतलब है कि एफएएसएस लंबे समय से इन गैंडों की हत्या के मामलों की उच्च स्तरीय एवं विश्वसनीय जांच की मांग उठाती रही है। वह यह मांग भी कर चुकी है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने घोषणा की है कि उनकी सरकार इस मामले में एक केंद्रीय जांच कराए जाने के पक्ष में है। गौरतलब है कि असम के विभिन्न संरक्षित वनों में जनवरी 2007 ये अबतक 30 से अधिक गैंडों की हत्या की जा चुकी है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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