मुश्किल होता जा रहा है पेट्रोलियम की कीमतें स्थिर रखना
नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों के 135 डालर प्रति बैरल से ऊपर चले जाने के बाद देश में पेट्रोलियम की कीमतें स्थिर बनाए रखना अब मुश्किल होता जा रहा है।
पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने आज पत्रकारों से कहा, "मौजूदा स्थिति में कीमतों को स्थिर बनाए रखने के लिए मैं कुछ नहीं कर सकता।"
गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले ही देवड़ा ने पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें फिलहाल नहीं बढ़ाने के संकेत दिए थे, लेकिन कहा था कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें उन्हें भविष्य में ऐसा करने के लिए मजबूर कर सकती हैं।
दरअसल देवड़ा पर दोहरा दबाव है। यदि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि को ज्यादा दिनों तक रोका गया तो पेट्रोलियम कंपनियों का घाटा खतरनाक स्तर तक पहुंच जाएगा। लेकिन यदि कीमतें बढ़ाई गईं तो पहले से ही रिकार्ड स्तर पर पहुंच चुकी महंगाई की दर को पर लग जाएंगे।
देवड़ा ने कहा, "हमें सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों की आर्थिक सेहत की चिंता है।" देवड़ा वित्त मंत्रालय से पेट्रोलियम कंपनियों को हो रहे घाटे की एक हद तक भरपाई के लिए तेल बांड जारी करने की गुहार भी लगा चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि के बावजूद घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें पूर्ववत रखे जाने से सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को प्रतिदिन 4.5 अरब रुपये का नुकसान हो रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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