कश्मीर में जनमत संग्रह संबंधी पाक के प्रस्ताव पर प्रणब की चुप्पी पर भाजपा को आपत्ति
नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह मेहमूद कुरैशी द्वारा कश्मीर समस्या के हल के लिए संयुक्त राष्ट्र के घोषणापत्र के तहत वहां जनमत संग्रह कराए जाने की वकालत करने पर भारतीय विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी की चुप्पी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ी आलोचना की है।
भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा कि पाकिस्तान ने पूर्व में भी जनमत संग्रह संबंधी संयुक्त राष्ट्र के घोषणा पत्र की वकालत की है लेकिन भारत ने हमेशा ही इसका कड़ा प्रतिवाद किया है।
उन्होंने कहा कि पाक विदेश मंत्री ने जब यह बात उठाई थी तो प्रणब मुखर्जी को इसका कड़ा प्रतिवाद करना चाहिए था। उन्होंने कहा, "प्रणब की चुप्पी गंभीर चिंता का विषय है। हम विदेश मंत्री के इस रूख की कड़ी आलोचना करते हैं।"
प्रसाद ने कहा कि 1971 के शिमला समझौते के बाद से अब तक पाकिस्तान ने जब भी संयुक्त राष्ट्र घोषणा पत्र की बात उठाई है, भारत ने उसका कड़ा प्रतिवाद किया है। ऐसे में यदि भारत-पाक विदेश मंत्रियों की बैठक में यह बात उठी तो प्रणब मुखर्जी को उसी वक्त उसका कड़ा विरोध करना चाहिए था।
उल्लेखनीय है कि कुछ अखबारों में पाकिस्तानी विदेश मंत्री के हवाले से इस प्रकार की खबरें सामने आई है कि भारत-पाक विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र के तहत कश्मीर में जनमत संग्रह कराए जाने की बात कही। खबरों में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री के इस प्रस्ताव पर प्रणब मुखर्जी ने चुप्पी साधे रखी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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