आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने को तैयार हुए भारत-पाक (लीड-1)

इस्लामाबद, 21 मई (आईएएनएस)। भारत और पाकिस्तान आज इस बात पर सहमत हो गए कि आतंकवाद के खिलाफ दोनों देश संयुक्त लड़ाई लड़ेंगे। साथ ही यह सहमति भी बनी कि दोनों देशों की जेलों में बंद कैदियों तक दूतावास के अधिकारियों की पहुंच संभव हो सकेगी।

इस्लामाबद, 21 मई (आईएएनएस)। भारत और पाकिस्तान आज इस बात पर सहमत हो गए कि आतंकवाद के खिलाफ दोनों देश संयुक्त लड़ाई लड़ेंगे। साथ ही यह सहमति भी बनी कि दोनों देशों की जेलों में बंद कैदियों तक दूतावास के अधिकारियों की पहुंच संभव हो सकेगी।

भारतीय विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी और पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बीच इस्लामाबाद में आज चौथे दौर की बातचीत की हुई। इस बैठक के बाद दोनों देशों के बीच उक्त समझौता हुआ।

कैदियों तक पहुंच संभव बनाने संबंधी समझौते पर पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त सत्यव्रत पाल और भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त शहिद मलिक ने हस्ताक्षर किए।

दोनों देशों ने शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाए जाने पर जोर दिया। साथ ही कश्मीर समस्या समेत अन्य सभी मुद्दों को आपसी समझ और मैत्रीपूर्ण वातावरण में सुलझाने पर भी दोनों देशों के बीच सहमति बनी।

एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश की प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी सहमति बनी।

कुरैशी के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा, "स्थिरता, शांति और समृद्धि भारत व पाकिस्तान दोनों देशों के आपसी सरोकारों से जुड़ी है।"

दोनों देशों ने तय किया है कि जुलाई महीने में नई दिल्ली में समग्र वार्ता के पांचवें दौर की सचिव स्तरीय बातचीत होगी। यह भी तय हुआ है कि दोनों देश अपने-अपने आतंकवाद निरोधी तंत्र को क्रियाशील करेंगे और इस संबंध में जून में एक बैठक भी की जाएगी।

बैठक में मुजफ्फराबाद-श्रीनगर और रावलकोट-पुंछ बस सेवा को सप्ताह में एक दिन चलाए जाने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा व्यापार की दृष्टि से कश्मीर में आवाजाही सुलभ करने पर भी दोनों देश सहमत हुए।

इससे पहले, मुखर्जी ने बुधवार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ से मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात में कश्मीर सहित सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करने के साथ ही शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

एक भारतीय अधिकारी ने बताया कि मुशर्रफ ने प्रणब को मुलाकात के लिए रावलपिंडी आमंत्रित किया था। विदेश मंत्री ने मुशर्रफ को सीमा पार आतंकवाद के बारे में भारतीय चिंता से अवगत कराने के साथ ही इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद और हिंसामुक्त वातावरण से ही विश्वास का वातावरण तैयार होगा। इससे शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मुशर्रफ ने हमेशा की तरह अपने उस फार्मूले पर जोर दिया जिसमें कश्मीर में स्वशासन, वहां से भारतीय सेना की वापसी और कश्मीर के दोनों हिस्सों का संयुक्त निरीक्षण करने की बात शामिल है।

भारत ने सीमा पर व्यापार बढ़ाने के और जम्मू और कश्मीर के दोनों हिस्सों के लोगों के बीच आवागमन बढ़ाने के उपायों पर विशेष बल दिया।

राष्ट्रपति पद के लिए दोबारा निर्वाचित होने के बाद मुशर्रफ की किसी भारतीय नेता से यह पहली मुलाकात थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+