मप्र में 11 कंपनियों को बीस हजार हेक्टेयर जमीन आवंटित
भोपाल, 21 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार ने जट्रोफो की खेती करने और बायो डीजल संयंत्र लगाने के लिए 11 कंपनियों को लगभग बीस हजार हेक्टेयर जमीन आवंटित की है। यह दो वर्ष के पट्टे पर दी गई है।
प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के मुताबिक मुरैना में चार, झाबुआ में तीन, बडवानी में दो तथा अशोक नगर व छतरपुर में एक-एक कंपनी को जमीन आवंटित की गई है।
प्रदेश सरकार द्वारा आवंटित की गई यह जमीन न तो कृषि योग्य है और न ही कृषि योग्य बनाया जाना संभव है। यह जमीन गैर वन पड़त भूमि की श्रेणी में आती है। इस भूमि के लिए प्रदेश सरकार ने अक्टूबर, 2006 में एक नीति घोषित की थी। इस नीति के मुताबिक विभिन्न योजनाओं के लिए ऐसी जमीन को आवंटित करने का प्रावधान है।
राज्य सरकार ने इस नीति का पालन करते हुए योजना अनुमति और संशोधन समिति की बैठक में नोडल एजेंसी की अनुशंसा पर जमीन आवंटित की है। सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के मुताबिक मुरैना में एम़ वाय़ टी़ आऱ नेच्युरल्स, मेरठ को 1,005 हेक्टेयर और चित्रोनी चम्बल ऑर्गेनिक्स, गुडगांव को 968 हेक्टेयर गैर वन पड़त भूमि आवंटित की गई है।
राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार मुरैना में मेसर्स इंडिया बायोयूल्स नई दिल्ली, क़े एस़ ऑयल लिमिटेड, झाबुआ में इंडियन ऑयल कापरेरेशन लिमिटेड नई दिल्ली, मिशन बायोयूल्स लिमिटेड मुम्बई व डेन्जी एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड मुंबई को जमीन आवंटित की गई है।
इसी तरह बडवानी में ग्रेट गैलन लिमिटेड इन्दौर, सुदामा टेक्न ोलॉजी लिमिटेड इन्दौर, अशोक नगर में रुची सोया इंडस्ट्रीज लिमिटेड मुंबई और छतरपुर में मैग्नम ऑर्गेनाइजर प्राइवेट लिमिटेड बडोदरा को जमीन का आवंटन किया गया हैं। इन नौ कम्पनियों को 2-2 हजार हेक्टेयर यानी 18 हजार हेक्टेयर भूमि का आवंटन हुआ है। कुल मिलाकर इन 11 कम्पनियों को बीस हजार हेक्टेयर गैर वन पड़त भूमि उपलब्ध कराई गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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